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जैश-ए-मोहम्मद आतंकी जफर के बाद कौन? हापुड़ में छह संदिग्ध रडार पर, खंगाले जा रहे संपर्क

Published: Tue, 18 Aug 2026 11:47 PM (GMT+05:30)

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद एटीएस उसके हापुड़ स्थित संपर्कों और नेटवर्क की गहन जांच ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

एआई जेनेरेटेड इमेज।

HighLights

  1. जफर के मोबाइल, बैंक खातों की गहन पड़ताल जारी।

  2. आतंकी फंडिंग, डिजिटल लेनदेन की जांच पर मुख्य फोकस।

  3. हापुड़ में जफर के संभावित छह अन्य सहयोगी संदेह के घेरे में।

जागरण संवाददाता, हापुड़। शेरपुर से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस उसके संपर्कों और कथित नेटवर्क पर टिक गया है। एटीएस जफर के मोबाइल फोन, सिम कार्ड, सोशल मीडिया अकाउंट, काल डिटेल और बैंक खातों की पड़ताल कर रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बिहार के पूर्णिया से हापुड़ के शेरपुर तक पहुंचने के दौरान जफर किन-किन लोगों के संपर्क में रहा और क्या यहां भी उसके संपर्कों का कोई नेटवर्क तैयार हुआ था।

फिलहाल एटीएस की जांच मेरठ के मदरसे में जफर के साथ पढ़ने वाले छात्रों और उनके संबंधियों पर आधारित है। शेरपुर में भी मेरठ के रहने वाले एक मौलाना कुछ महीने पहले आए थे। उनके संपर्क से ही जफर और उसके साथियों ने क्षेत्र में आना आरंभ किया।

शेरपुर के पास ही बहादुरगढ़, गढ़मुक्तेश्वर, सिंभावली, बुगरासी व स्याना क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य हैं। ऐसे में वहां पर भी जफर और उसके नेटवर्क के लोगों की सक्रियता हो सकती है। इसकी जांच भी एटीएस की पड़ताल का हिस्सा है।

जफर के मोबाइल और डिजिटल डिवाइस अब जांच एजेंसियों के लिए अहम कड़ी बने हुए हैं। इनमें मिले मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप ग्रुप, इंटरनेट मीडिया अकाउंट और बातचीत की जांच के जरिए उसके संपर्कों का दायरा खंगाला जा रहा है।

एजेंसियों की नजर इस बात पर भी है कि उसके संपर्क सिर्फ देश तक सीमित थे या विदेश में बैठे किसी व्यक्ति अथवा संगठन से भी लगातार संवाद हो रहा था। दरअसर शेरपुर के साथ ही इस क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में पाकिस्तान व अन्य मुस्लिम देशों में रहते हैं।

पूर्णिया से शेरपुर तक किसने बनाया रास्ता?

जफर मूल रूप से बिहार के पूर्णिया का रहने वाला है और पूर्व में मेरठ में भी रह चुका है। इसके बाद उसका हापुड़ के शेरपुर तक पहुंचना जांच का अहम बिंदु बन गया है।

एटीएस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह शेरपुर में किन लोगों के संपर्क में आया, कहां ठहरा और यहां तक पहुंचने में किसी व्यक्ति ने उसकी मदद की थी या नहीं। प्रारंभिक जांच के अनुसार जफर का मुख्य नेटवर्क मस्जिदों के माध्यम से आगे बढ़ने का रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार जफर का आवागमन हापुड़ में भी रहा है। वह मेरठ के मौलाना के संपर्क में हापुड़ के एक मौलवी के माध्यम से ही आया था।

जफर पर मदरसे के नाम पर चंदा जुटाकर रकम पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाने का आरोप है। जांच एजेंसियां उसके बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही हैं।

क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम भेजे जाने के आरोपों के चलते डिजिटल लेनदेन भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रकम कहां से आई, किसने दी और उसे आगे किन माध्यमों से भेजा गया।

दरअसल हापुड़ जिले से भी बड़ी धनराशि का चंदा एकत्र किए जाने की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को मिली है।

कितने नंबर और कितने संपर्क

जफर के मोबाइल से मिले नंबरों और इंटरनेट मीडिया संपर्कों की जांच के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके पास कितने सिम कार्ड थे और किन-किन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया। उसके इंटरनेट मीडिया अकाउंट और कथित पाकिस्तानी संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

डिजिटल साक्ष्यों के जरिए जांच एजेंसियां उसके संपर्कों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। जफर की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह अकेले ही कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों और फंडिंग में शामिल था या उसके पीछे लोगों का कोई नेटवर्क सक्रिय था।

एटीएस की जांच अब इसी सवाल का जवाब तलाश रही है। सूत्रों का दावा है कि क्षेत्र के छह अन्य युवकों पर संदेह की सुई घूम रही है। उनके बारे में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मोबाइल, बैंक खातों, डिजिटल गतिविधियों और संपर्कों की जांच में सामने आने वाली कड़ियां आगे की कार्रवाई की दिशा तय कर सकती हैं।

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यह बड़ा मामला है और देश की सुरक्षा से जुड़ा है। इसकी जांच में एटीएस जुड़ी है। एटीएस के स्तर से जो भी जानकारी मांगी जा रही है, हम सहयोग कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर खुफिया टीम अपनी पड़ताल कर रही हैं। उनका पूरा सर्विलांस सिस्टम वर्किंग में है। थोड़ा इंतजार करना होगा, इस पूरे नेटवर्क की एक-एक परत सामने आ जाएगी।

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कुंवर ज्ञानंजय सिंह - पुलिस अधीक्षक।