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9 करोड़ के घोटाले में तत्कालीन सचिव बर्खास्त, सरकार की बड़ी कार्रवाई से हापुड़ गन्ना समिति में मची खलबली

Published: Thu, 29 Oct 2026 01:38 PM (IST)

हापुड़ गन्ना सहकारी समिति में मई 2025 में सामने आए 9 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में तत्कालीन सचिव मनोज ...और पढ़ें

गन्ना समिति में बैठे तत्कालीन सचिव मनोज कुमार। (नीली शर्ट में) जागरण

गन्ना समिति में बैठे तत्कालीन सचिव मनोज कुमार। (नीली शर्ट में) जागरण

HighLights

  1. तत्कालीन सचिव मनोज कुमार को 9 करोड़ घोटाले में बर्खास्त किया।

  2. हापुड़ गन्ना समिति में वित्तीय अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई।

  3. अन्य आरोपियों पर कार्रवाई, एक लिपिक की सेवा समाप्त।

हर्ष अग्रवाल, हापुड़। गन्ना सहकारी समिति हापुड़ में मई 2025 में सामने आई करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है।

9 करोड़ रुपये के घोटाले में तत्कालीन सचिव मनोज कुमार को बर्खास्त कर दिया गया है। इससे पहले मामले में सभी आरोपियों को निलंबित किया जा चुका था, जबकि एक लिपिक की सेवा भी समाप्त कर दी गई थी। कार्रवाई से समिति में खलबली मची हुई है।

समिति के खातों से करोड़ों रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर किए जाने के मामले में जांच के दौरान कई लोगों की भूमिका सामने आई थी। समिति के लेखाकार के साथ ही उसकी पत्नी और बहन को भी भ्रष्टाचार के मामले में आरोपित पाया गया था।

बर्खास्त करने का निर्णय

इस मामले में बैंक प्रबंधन और समिति के अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई थी। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू की थी। अब शासन ने तत्कालीन सचिव मनोज कुमार को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है।

एक लिपिक की सेवा समाप्त किए जाने के साथ ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है। घोटाले की रकम नौ करोड़ रुपये तक पहुंचने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

अब जांच के जरिए यह पता लगाया जाना है कि धनराशि किन खातों में ट्रांसफर की गई, इसमें किसकी क्या भूमिका रही और गड़बड़ी में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।

चेयरमैन कुणाल चौधरी ने की थी जोरदार पैरवी

गन्ना समिति में करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आने के बाद समिति के चेयरमैन कुणाल चौधरी ने कार्रवाई के लिए जोरदार पैरवी की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई थी।

अब शासन की ओर से तत्कालीन सचिव मनोज कुमार को बर्खास्त किए जाने और एक लिपिक की सेवा समाप्त किए जाने के बाद प्रकरण में कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया है। घोटाले की रकम नौ करोड़ रुपये तक पहुंचने के बीच अब निगाहें इस धनराशि की वसूली पर टिकी हैं।

डीएम अभिषेक पांडे ने शासन को भेजी थी रिपोर्ट

गन्ना समिति में करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में तत्कालीन जिलाधिकारी अभिषेक पांडे ने जांच के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी थी। रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किया गया था। इसके बाद शासन स्तर से कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

शासन की जीरो टालरेंस नीति के तहत तत्कालीन सचिव मनोज कुमार को बर्खास्त करने और एक लिपिक की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई को इसी प्रकरण में अहम माना जा रहा है।

गन्ना समिति हापुड़ के तत्कालीन सचिव मनोज कुमार को शासन ने बर्खास्त कर दिया है। उनके समय में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताएं हुई थी। इस मामले में मनोज कुमार की संलिप्तता सामने आने पर शासन ने कार्रवाई की है। इसका पत्र हमको प्राप्त हो गया है। - अंगद सिंह, जिला गन्ना अधिकारी

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