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हापुड़ गन्ना समिति में 8.75 करोड़ का गबन, 22 लाख हड़पने वाला लिपिक बर्खास्त; खातों में ट्रांसफर की थी रकम

Published: Fri, 29 May 2026 11:13 AM (IST)

हापुड़ सहकारी गन्ना विकास समिति में 8.75 करोड़ रुपये के गबन मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। 22 लाख रुपये ...और पढ़ें

8.75 करोड़ के गबन में बड़ी कार्रवाई, 22 लाख हड़पने वाला लिपिक बर्खास्त। फोटो: सांकेतिक

8.75 करोड़ के गबन में बड़ी कार्रवाई, 22 लाख हड़पने वाला लिपिक बर्खास्त। फोटो: सांकेतिक

HighLights

  1. हापुड़ गन्ना समिति में 8.75 करोड़ रुपये का गबन

  2. 22 लाख रुपये के गबन में लिपिक बर्खास्त

  3. आर्थिक अपराध शाखा (EOW) मेरठ कर रही जांच

जागरण संवाददाता, हापुड़। सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड हापुड़ में हुए 8.75 करोड़ रुपये के गबन के मामले में विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए स्थायी लिपिक रोहित कुमार की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

आरोपित लिपिक पर 22 लाख रुपये के गबन का आरोप सिद्ध होने के बाद यह कार्रवाई की गई। साथ ही गबन की गई धनराशि की वसूली उनके देयों से करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजीव राय ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले आरोपी कर्मचारी को निलंबित किया गया था और उसके बाद विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की गई।

उच्च स्तर से नियुक्त जांच अधिकारी ने बैंक खातों के स्टेटमेंट, भुगतान अभिलेख, वित्तीय दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य अभिलेखीय साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी लिपिक ने समिति के गन्ना मूल्य खाते से कूटरचित तरीके से धनराशि अपने निजी बैंक खातों में ट्रांसफर की।

समिति के बैंक खाते में प्राइवेट नंबर कराया लिंक 

जांच में यह भी सामने आया कि विभागीय अधिकारियों से बचने के लिए आरोपित ने समिति के बैंक खातों में एसएमएस अलर्ट के लिए अपना निजी मोबाइल नंबर दर्ज करा रखा था, ताकि वित्तीय लेन-देन की जानकारी सीधे उसके मोबाइल पर पहुंचे। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में लगाए गए सभी आरोप सिद्ध पाए गए।

किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

उप गन्ना आयुक्त ने कहा कि आरोपी कर्मचारी ने अपने पदीय दायित्वों और उत्तर प्रदेश सहकारी गन्ना सेवा नियमावली के प्रावधानों का खुला उल्लंघन किया है, जिससे समिति को गंभीर वित्तीय क्षति पहुंची और विभाग की छवि धूमिल हुई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गन्ना विकास विभाग सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। गन्ना समिति हापुड़ के चेयरमैन कुनाल चौधरी ने बताया कि समिति में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आरोपी लिपिक के खाते में 22 लाख रुपये का गबन पाया गया है और पूरे प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ द्वारा की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी और गबन की रकम की पूरी वसूली कराई जाएगी।

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