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हापुड़ में जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर, उपभोक्ताओं में बढ़ी नाराजगी

Published: Fri, 09 Oct 2026 09:10 PM (IST)

हापुड़ में बिजली बिल जमा होने के बावजूद उपभोक्ताओं के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे ...और पढ़ें

मोहल्ला फूलगढ़ी में कार्रवाई करती ऊर्जा निगम की टीम, जागरण।

मोहल्ला फूलगढ़ी में कार्रवाई करती ऊर्जा निगम की टीम, जागरण।

HighLights

  1. बिजली बिल जमा होने पर भी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे।

  2. ऊर्जा निगम के अधिकारी बिना कारण बताए मीटर लगा रहे।

  3. अधीक्षण अभियंता ने मामले की जांच कराने की बात कही।

जागरण संवाददाता, हापुड़। साहब...इस महीने का पूरा बिजली बिल जमा है तो, जबरदस्ती स्मार्ट मीटर क्यों लगाया जा रहा है।

उपभोक्ताओं के इतना कहते ही मौके पर मौजूद ऊर्जा निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने बिना देरी किए स्मार्ट मीटर लगवाए और बिना कारण बताए मौके से चले गए।

बकाया बिल वालों का कटा कनेक्शन

उपभोक्ताओं का परिवार दस घंटे तक बिना बिजली के रहा, जिसके चलते उनको परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली का बिल जमा करने के बाद भी उपभोक्ताओं को राहत मिलने के बजाय उनके घरों पर स्मार्ट मीटर लगा दिए जा रहे हैं।

शुक्रवार सुबह पटना मुरादपुर बिजली से एसडीओ, जेई समेत पुलिस और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बकाया बिल वालों के कनेक्शन को काटना शुरू कर दिया। इस दौरान उन घरों के मीटर भी काटकर स्मार्ट मीटर लगाए गए, जिनके बिल जमा हैं।

उठ रहे कई सवाल

ऐसे में ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि जब बिजली का बिल बकाया नहीं था तो, आखिर किन परिस्थितियों में मीटर बदले गए? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच करना भी जरूरी नहीं समझा?

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समार्ट मीटर का तार भी खुद लेकर आए उपभोक्ता

मोहल्ला फूलगढ़ी की रहने वाली नासरीन ने बताया कि उन्होंने इस महीने की छह तारीख को पांच हजार रुपये बिजली का बिल का बकाया जमा कराया था, लेकिन इसके बावजूद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने एक भी नहीं सुनी और स्मार्ट मीटर लगा दिया। इस दौरान उन्होंने लाइनमैन पर आरोप लगाया कि तार लगाने के दो सौ रुपये ले लिए।

ऊर्जा निगम की कार्रवाई से बढ़ी नाराजगी

मोहल्ला फूलगढ़ी में पांच से सात घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने की जानकारी सामने आने से मामला किसी एक उपभोक्ता तक सीमित नहीं रह गया है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था, तब भी उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी देना और उनकी शंकाओं का समाधान करना जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी थी, लेकिन बिना जवाब देकर ऐसे चला जाना कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं आया है। मामले की जानकारी कराकर जांच कराई जाएगी, जिसकी भी लापरवाही मिलती है तो, आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
सुभाष चंद्र, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम

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