हापुड़ रामलीला मेले में बिना अनुमति चल रहे बड़े झूले बंद, सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
हापुड़ के दिल्ली रोड स्थित रामलीला मेले में बिना प्रशासनिक अनुमति चल रहे बड़े झूलों को सीओ सदर ने बंद करा दिया।

हापुड़ रामलीला मेले में बिना अनुमति चल रहे बड़े झूले बंद ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
हापुड़ रामलीला मेले में बिना अनुमति चल रहे थे झूले।
सीओ सदर ने मौके पर पहुंचकर झूलों को बंद कराया।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बड़े हादसे का खतरा।
केशव त्यागी, हापुड़। कोतवाली क्षेत्र के दिल्ली रोड स्थित मैदान में लगे रामलीला मेले में मनोरंजन के लिए लगाए गए बड़े झूलों के संचालन में सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक अनुमति की अनदेखी का मामला सामने आया है।
बिना अनुमति संचालित हो रहे झूलों को सीओ सदर ने मंगलवार देर रात मौके पर पहुंचकर बंद करा दिया। उन्होंने ठेकेदार को कड़ी चेतावनी देते हुए नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। झूले बंद होने के कारण मेले में पहुंचे कई लोग मायूस होकर लौट गए।
झूले लोगों के आकर्षण का केंद्र
रामलीला मेले में बड़ी संख्या में लोग परिवार और बच्चों के साथ पहुंच रहे हैं। मेले में लगाए गए बड़े झूले लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं। लेकिन, बिना प्रशासनिक अनुमति इनके संचालन ने सुरक्षा-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झूलों की सुरक्षा जांच और जरूरी मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
ऐसे में झूलों का संचालन शुरू करने से पहले उनकी सुरक्षा और निर्धारित मानकों की जांच जरूरी है। मामले की जानकारी मिलने पर सीओ सदर दीपक चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और बिना अनुमति संचालित हो रहे झूलों को बंद करा दिया।
उन्होंने ठेकेदार को चेतावनी दी कि आवश्यक अनुमति और सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी किए बिना झूलों का संचालन न किया जाए।
सुरक्षा से समझौता पड़ सकता है भारी
मेले में बच्चों और परिवारों की भीड़ को देखते हुए झूलों की मजबूती, संचालन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच बेहद जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है।
ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई के बाद यह भी जरूरी है कि मेले में संचालित अन्य झूलों की सुरक्षा जांच कराई जाए, ताकि मनोरंजन के नाम पर लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर में मोरंग लदे ट्रालर ने नौवीं की छात्रा को रौंदा, मौके पर मौत
