रामलीला मैदान में 20 दिन गूंजेगा जय श्रीराम का जयघोष, 21 अक्टूबर को होगा रावण वध
हापुड़ में श्री रामलीला समिति द्वारा 5 से 25 अक्टूबर तक दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में भव्य रामलीला महोत्सव ...और पढ़ें

श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन पांच से 25 अक्टूबर तक दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में किया जाएगा। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
हापुड़ में 5 से 25 अक्टूबर तक रामलीला महोत्सव।
दिल्ली रोड रामलीला मैदान में होगा भव्य आयोजन।
21 अक्टूबर को रावण वध, फिर श्रीराम राज्याभिषेक।
संवाद सहयोगी, हापुड़। शहर में एक बार फिर भगवान श्रीराम की लीलाओं का भव्य मंचन श्रद्धा और उल्लास के साथ होगा। श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन पांच से 25 अक्टूबर तक दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में किया जाएगा। 21 दिनों तक रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन होने के साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। महोत्सव को लेकर समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अध्यक्ष विनोद वर्मा ने बताया कि महोत्सव का शुभारंभ पांच अक्टूबर को रावण दिग्विजय यात्रा से होगा। छह अक्टूबर को पृथ्वी पुकार एवं गऊलीला का मंचन होगा। सात अक्टूबर को श्रीराम जन्म शोभायात्रा, श्रीराम जन्म लीला और शहर गश्त निकाली जाएगी। आठ अक्टूबर को विश्वामित्र आगमन, ताड़का-सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार और पुष्पवाटिका लीला आकर्षण का केंद्र रहेगी। नौ अक्टूबर को धनुष भंग और लक्ष्मण-परशुराम संवाद का मंचन होगा।
दस अक्टूबर को श्रीराम बारात शोभायात्रा निकाली जाएगी
दस अक्टूबर को शहर में श्रीराम बारात शोभायात्रा निकाली जाएगी। 11 अक्टूबर को कैकेयी-मंथरा संवाद, कोप भवन प्रसंग और श्रीराम वन गमन का मंचन होगा। 12 अक्टूबर को श्रीराम वन गमन शोभायात्रा निकलेगी। 13 अक्टूबर को निषाद मिलन, केवट संवाद और चित्रकूट विश्राम, जबकि 14 अक्टूबर को श्रवण कुमार प्रसंग, दशरथ मरण और राम-भरत मिलाप का मंचन किया जाएगा।
15 अक्टूबर को शूर्पणखा नासिका भंग, 16 अक्टूबर को खर-दूषण-त्रिशरा वध और सीता हरण होगा। 17 अक्टूबर को जटायु मोक्ष और शबरी प्रसंग के बाद 18 अक्टूबर को हनुमान जन्म, श्रीराम-हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, वाली वध, सीता की खोज और लंका दहन का मंचन होगा। 19 अक्टूबर को विभीषण शरणागति, सेतुबंधन और अंगद-रावण संवाद होगा। 20 अक्टूबर को लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध और अहिरावण वध के बाद 21 अक्टूबर को अधर्म के प्रतीक रावण का प्रभु श्रीराम द्वारा वध किया जाएगा।
श्रीराम राज्याभिषेक का प्रसंग भी प्रमुख रहेगा
इसी दिन भरत मिलाप और 21 अक्टूबर के बाद श्रीराम राज्याभिषेक का प्रसंग भी प्रमुख रहेगा। उन्होंने बताया कि रामलीला के बाद 22 अक्टूबर को म्यूजिकल सिंगिंग नाइट, 23 अक्टूबर को कामेडी कार्यक्रम, 24 अक्टूबर को फूलों की होली और 25 अक्टूबर को माता की चौकी का आयोजन किया जाएगा।
इन मार्गों से होकर निकलेंगी शोभायात्राएं
अध्यक्ष विनोद वर्मा ने बताया कि श्रीराम जन्म शोभायात्रा और रावण दिग्विजय यात्रा बुलंदशहर रोड स्थित मंशा देवी मंदिर से शुरू होकर कोठी गेट, कसेरठ बाजार, बजाजा बाजार, छोटी व बड़ी मंडी, सराफा बाजार, चंडी मंदिर, पक्का बाग, रेलवे रोड और फ्रीगंज रोड से होकर रामलीला मैदान पहुंचेगी।
