हापुड़ में करोड़ों की पुरानी करेंसी का 'खेल' उजागर, आरोपी ने पूछताछ में उगले 2 बड़े नाम
हापुड़ में पुलिस ने एक व्यक्ति को 1.44 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित पुरानी करेंसी के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ...और पढ़ें
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पुरानी करेंसी बरामद। AI जनरेटेड
HighLights
हापुड़ में 1.44 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित पुरानी करेंसी बरामद।
पुलिस ने देवेंद्र रुहेला को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की।
आरोपी ने लखनऊ और गाजियाबाद के दो साथियों के नाम बताए।
केशव त्यागी, हापुड़। एक करोड़ 44 लाख रुपये की प्रतिबंधित पुरानी करेंसी के साथ पकड़े गए आरोपी के पीछे आखिर कौन लोग हैं? पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलने का यह खेल कब से चल रहा था और इसके तार कहां तक जुड़े हैं? इन सवालों के जवाब तलाशने में पुलिस जुट गई है।
पुलिस के हत्थे चढ़े गाजियाबाद के नंदग्राम के देवेंद्र रुहेला ने पूछताछ में अपने दो साथी लखनऊ के रवि उर्फ विक्रांत श्रीवास्तव और गाजियापाद के अविनाश पांडेय के नाम बताए हैं।
आरोपी पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलवाने के लिए कमीशन का खेल चलता था। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि बुधवार रात थाना देहात पुलिस मेरठ बाइपास स्थित गोल चक्कर पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि गाजियाबाद की तरफ से एक व्यक्ति अपाचे बाइक पर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पुरानी करेंसी लेकर मेरठ की ओर जा रहा है।
पीछे मोड़कर भागने की कोशिश
सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद बाइक सवार व्यक्ति दिखाई दिया। उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने अचानक बाइक पीछे मोड़कर भागने की कोशिश की।
पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर बाइक की पेट्रोल टंकी पर रखा काले रंग का बैग मिला। बैग खुलते ही पुलिस भी हैरान रह गई। उसमें एक हजार रुपये के पुराने नोटों की 127 गड्डियां और पांच सौ रुपये के पुराने नोटों की 34 गड्डियां थीं। आरोपी से कुल एक करोड़ 44 लाख रुपये की प्रतिबंधित करेंसी बरामद हुई।
दो साथियों के नाम बताए
पूछताछ में देवेंद्र ने बताया कि वह लखनऊ के रवि उर्फ विक्रांत श्रीवास्तव और गाजियाबाद के अविनाश पांडेय के साथ मिलकर पुरानी करेंसी एकत्र करता था। लोगों को पुरानी करेंसी के बदले नई करेंसी दिलाने का लालच दिया जाता था।
इसके बाद पुराने नोट लेकर उन्हें संपर्कों के माध्यम से नई करेंसी में बदलवाने का प्रयास किया जाता था। इस काम में कमीशन मिलने की बात भी आरोपी ने पुलिस को बताई है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों रुपये की बंद हो चुकी करेंसी आखिर कहां से जुटाई गई और इसे नई करेंसी में बदलवाने के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं?
पुलिस आरोपी के बताए दोनों साथियों की भूमिका, नोटों के स्रोत और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। आरोपी बाइक के कागजात भी नहीं दिखा सका, जिसके बाद पुलिस ने उसे सीज कर दी। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। बरामदगी की सूचना आयकर विभाग और संबंधित विभाग को भी दी जाएगी।
