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हापुड़ में अवैध हथियारों पर पुलिस का शिकंजा, 14 आरोपी गिरफ्तार; मददगारों को भी नहीं मिलेगी राहत

Published: Sat, 17 Oct 2026 05:07 PM (IST)

हापुड़ पुलिस ने अवैध हथियारों के इस्तेमाल और अपराधियों को मदद पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। डीआईजी ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड।

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड।

HighLights

  1. अवैध हथियार रखने और इस्तेमाल करने वालों पर सख्त कार्रवाई।

  2. अपराधियों को पनाह देने वाले मददगारों पर भी पुलिस का शिकंजा।

  3. 'ऑपरेशन शस्त्र' में 14 आरोपित गिरफ्तार, अवैध हथियार बरामद।

केशव त्यागी, हापुड़। तमंचा रखने, उसका इस्तेमाल करने और उसके दम पर शोबाजी करने वालों के साथ अब अपराधियों को मदद पहुंचाने वाले भी पुलिस के निशाने पर होंगे।

गोलीकांड में हथियार किसने उपलब्ध कराया, उसे कहां छिपाकर रखा गया और आरोपित को किसने अपने घर या वाहन का इस्तेमाल करने दिया, पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच करेगी।

14 आरोपित हुए गिरफ्तार

मेरठ रेंज डीआइजी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर चलाए गए आपरेशन शस्त्र के तहत सितंबर माह के दौरान 14 आरोपित गिरफ्तार किए गए। इनके कब्जे से 14 अवैध हथियार और 15 कारतूस बरामद हुए।

डीआइजी ने गोलीकांड की घटनाओं में शामिल लोगों की भूमिका की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस यह पता लगाएगी कि गोली किसने चलाई और हथियार किसने उपलब्ध कराया। यदि हथियार अवैध है तो उसकी खरीद कहां से हुई और उसे कहां बनाया गया।

इसके अलावा हथियार रखने के ठिकाने तथा घटनास्थल तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन की भी पड़ताल होगी। वाहन के स्वामी और उसमें मुख्य आरोपित के साथ मौजूद लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी।

लाइसेंसी हथियार दिया तो भी होगी कार्रवाई

हथियारों की शोबाजी करने वालों के साथ लाइसेंसी असलहा दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देने वालों पर भी कार्रवाई होगी। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत अभियोग दर्ज करने और शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

बदमाशों को पनाह देने वाले भी रडार पर

गोलीकांड में शामिल आरोपितों को शरण देने, घर में हथियार छिपाने या अपराधियों की मदद करने वालों के विरुद्ध भी साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। रिश्तेदारों और मित्रों को भी ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखने तथा उन्हें अपने मकान और वाहन का इस्तेमाल नहीं करने देने की हिदायत दी गई है।

इसके अलावा पूर्व में गोलीकांड और हथियारों के दुरुपयोग में शामिल रहे अपराधियों की गतिविधियों की समीक्षा कर उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने तथा गुंडा अधिनियम और गैंगस्टर अधिनियम समेत अन्य सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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