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हापुड़ में नकली खाद बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, छापामारी में 90 बोरे नकली पोटाश और DAP बरामद

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:30 PM (GMT+05:30)

हापुड़ में कृषि विभाग और पुलिस ने रामपुर रोड पर एक बड़े परिसर में नकली उर्वरक बनाने वाले गिरोह का ...और पढ़ें

नकली पोटाश के 90 बोरे मिले। AI जनरेटेड

नकली पोटाश के 90 बोरे मिले। AI जनरेटेड

HighLights

  1. हापुड़ में नकली उर्वरक बनाने वाली इकाई का पर्दाफाश।

  2. 90 बोरे नकली पोटाश और डीएपी सामग्री बरामद की गई।

  3. आरोपी मोनू उर्फ विक्की के खिलाफ मुकदमा दर्ज।

जागरण संवाददाता, हापुड़। कृषि विभाग की टीम ने रामपुर रोड स्थित एक बड़े परिसर में छापा मारकर नकली उर्वरक तैयार करने के खेल का पर्दाफाश किया है। मौके से नकली पोटाश के 90 भरे बोरे, करीब 50 खाली बोरे, पाउडर, मिश्रण और पीसने की मशीनें समेत बड़ी मात्रा में सामान बरामद हुआ।

वहीं, करीब 20 बोरों में डीएपी जैसी दानेदार सामग्री भरी मिली। इससे परिसर में नकली डीएपी तैयार करने की भी तैयारी किए जाने की आशंका है। मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि तीन अक्टूबर को सूचना मिली थी कि रामपुर रोड स्थित एक बड़े परिसर में नकली उर्वरक तैयार करने का काम चल रहा है।

सूचना पर कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। दरवाजे की दरार से अंदर देखने पर गुलाबी रंग के पोटाश जैसे बोरे दिखाई दिए।

सूचना पर नायब तहसीलदार प्रताप सिंह और कोतवाली नगर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। टीम ने गेट का ताला तोड़कर परिसर में प्रवेश किया। अंदर भारतीय पोटाश लिमिटेड के नाम से पैक किए गए 50-50 किलोग्राम वजन वाले पोटाश के 90 बोरे मिले। करीब 50 खाली बोरे भी रखे थे।

इसके अलावा मिश्रण मशीन, पीसने की चक्की, वजन करने की दो मशीनें, बोरे सिलने की मशीन, जनरेटर, पंखे और बिजली के उपकरण मिले।

वहीं, तलाशी के दौरान गेरू की बोरियां और सफेद क्रिस्टल पाउडर से भरे करीब 20 बोरे भी मिले। कुछ बोरों पर बीज कंपनी का नाम और अन्य विवरण अंकित था, जबकि उनके अंदर डीएपी जैसी दानेदार सामग्री भरी थी। इन पदार्थों का इस्तेमाल नकली उर्वरक तैयार करने में किया जा रहा था।

टीम ने पोटाश, सफेद पाउडर और डीएपी जैसी दानेदार सामग्री के नमूने लिए हैं। इन्हें जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जाएगा। कार्रवाई के बाद परिसर के अंदर बरामद सभी सामग्री को रखकर गेट सील कर दिया गया।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

नकली उर्वरक के इस कारोबार के पीछे मोनू उर्फ विक्की पुत्र संतराम सिंह निवासी कन्हैया एन्क्लेव, हापुड़ का नाम सामने आया है। आरोपित के खिलाफ पहले भी नकली उर्वरक के निर्माण, पैकिंग और बिक्री के मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। अब पुलिस परिसर के वास्तविक मालिक और कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार सिंह ने बताया है मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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