विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हापुड़ की महिलाओं को अब तहसील या थाने के नहीं लगाने होंगे चक्‍कर, 'पिंक समाधान दिवस' पर तुरंत मिलेगा इंसाफ

Published: Tue, 13 Oct 2026 07:17 PM (IST)

हापुड़ में मिशन शक्ति के तहत 'पिंक समाधान दिवस' और 'तहसील दिवस' की शुरुआत की गई है। यह पहल महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करेगी।

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

HighLights

  1. 'पिंक समाधान दिवस' पर महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान।

  2. घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, साइबर अपराध जैसी शिकायतों पर तुरंत एक्शन।

  3. कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की दी जाएगी जानकारी।

केशव त्यागी, हापुड़। नवरात्रि की पावन बेला में जब मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का माहौल पूरे जिले में छाया हुआ है, उसी के साथ महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का नया अध्याय भी शुरू हो गया है।

प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान मिशन शक्ति के छठे चरण के तहत पिंक समाधान दिवस और मिशन शक्ति तहसील दिवस की विशेष पहल शुरू की गई है।

तहसील जाने की नहीं जरूरत

यह पहल सिर्फ जागरूकता तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करने का एक मजबूत मंच बनेगी।

उधर, महिलाओं का कहना है कि पहले थाने या तहसील जाने में झिझक होती थी, लेकिन अब पिंक समाधान दिवस जैसे मंच उपलब्ध होने से वह अपनी समस्याएं खुलकर रख पाएंगी।

क्या है पिंक समाधान दिवस?

पिंक समाधान दिवस मिशन शक्ति अभियान का एक विशेष और महिला-केंद्रित रूप है। सामान्य समाधान दिवस या तहसील दिवस में आम जनता की शिकायतें सुनी जाती हैं, लेकिन पिंक समाधान दिवस पूरी तरह महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं पर केंद्रित होता है।

इसमें घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न, साइबर अपराध, भूमि-संबंधी विवाद, कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें, राशन कार्ड, पेंशन, आवास योजना जैसी समस्याएं प्राथमिकता से सुनी जाएंगी।

इस दिन तहसील परिसर या निर्धारित स्थल पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, मिशन शक्ति प्रभारी और अन्य विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। इस दौरान महिलाओं को अपनी समस्याएं बिना किसी झिझक के रखने का पूरा मौका मिलेगा।

कानूनी अधिकारों के साथ योजनाओं की जानकारी

मिशन शक्ति तहसील दिवस के दौरान जिले की तीनों तहसीलों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 जैसे नंबरों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

सरकारी योजना जैसे कन्या सुमंगला, मुख्यमंत्री कन्या समृद्धि, वन स्टाप सेंटर आदि के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाएगी। एंटी-रोमियो स्क्वाड और महिला सुरक्षा दल की टीमें मौके पर मौजूद रहकर महिलाओं से सीधा संवाद करेंगी। जरूरत पड़ने पर महिलाओं को तुरंत परामर्श और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मिशन शक्ति सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक है। पुलिस का लक्ष्य है कि हर महिला सुरक्षित महसूस करे और किसी भी परिस्थिति में तुरंत मदद मिल सके। पिंक समाधान दिवस और तहसील दिवस जैसी पहल से महिलाओं को यह भरोसा दिलाया जाएगा कि उनकी कोई भी समस्या अनसुनी नहीं रहेगी... मधुवन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक

यह भी पढ़ें- न फ्रांस, न स्विट्जरलैंड! दुनिया के बेस्ट देशों की लिस्ट में इस देश ने मारी बाजी, जानें भारत किस नंबर पर