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एनएचएआई की मनमानी, हापुड़ के निजामपुर बाईपास पर जिंदगियों पर भारी पड़ रहा निर्माण

Published: Thu, 22 Oct 2026 11:14 AM (IST)

हापुड़ के निजामपुर बाईपास पर NHAI की लापरवाही के कारण सड़क निर्माण के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई।

एनएचएआई की मनमानी से भारी पड़ी जिंदगियां ( एआई जेनरेटेड इमेज )

एनएचएआई की मनमानी से भारी पड़ी जिंदगियां ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. हापुड़ के निजामपुर बाईपास पर NHAI की लापरवाही।

  2. सर्विस रोड के अभाव में तीन लोगों की मौत।

  3. मुख्य लेन बंद होने से यातायात और दुर्घटनाएं बढ़ीं।

ठाकुर डीपी आर्य, हापुड़। एक गलती सुधारने में एनएचएआई के इंजीनियर दूसरी ऐसी चूक कर बैठे कि अब सड़क निर्माण ही जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है।

निजामपुर बाईपास पर पहले एक लेन में फ्लाईओवर बनाकर दूसरी को छोड़ दिया, जिससे तीन साल तक हादसों का सिलसिला थमने के बजाय बढ़ता रहा।

दर्जनों लोगों की मौत के बाद दूसरी लेन पर भी फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया। लेकिन, इस बार भी सुरक्षित यातायात की बुनियादी जरूरत को नजरअंदाज कर दिया गया।

वाहनों का संचालन बंद 

सर्विस रोड बनाए बिना ही मुख्य लेन पर वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया। नतीजा, निर्माण शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर तीन लोगों की मौत हो गई।

रोड सेफ्टी की बैठक में पहले सर्विस रोड बनाने का सुझाव भी दिया गया था। लेकिन, जिम्मेदारों ने इसको गंभीरता से नहीं लिया।

सवाल है कि आखिर एनएचएआई के इंजीनियर कब गलतियों से सबक लेंगे और कब तक उनकी लापरवाही की कीमत आम लोगों को जान देकर चुकानी पड़ेगी।

दूसरी लेन पर फ्लाईओवर का निर्माण शुरू हुआ तो सबसे जरूरी सवाल था कि निर्माण अवधि में वाहनों का सुरक्षित आवागमन कराना होगा। इसके लिए पहले सर्विस रोड तैयार होनी चाहिए थी, जिससे मुख्य लेन पर काम के दौरान यातायात को वैकल्पिक रास्ता मिल सके। लेकिन, इस बुनियादी जरूरत को ही प्राथमिकता नहीं दी गई।

यातायात व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

सर्विस रोड बनाए बिना मुख्य लेन पर वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया। इससे यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा और दुर्घटनाओं का खतरा भी गहरा गया।

निर्माण शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर तीन लोगों की मौत ने व्यवस्था की खामियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं, वाहन चालकों को सुबह-शाम लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि रोड सेफ्टी की बैठक में जिलाधिकारी की उपस्थिति में एनएचएआई को पहले सर्विस रोड बनाने का सुझाव दिया गया था।

यानी सुरक्षित यातायात की जरूरत जिम्मेदारों के सामने रखी गई थी। इसके बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना मुख्य लेन बंद कर दी गई।

निजामपुर कट पर ज्यादा हादसे हो रहे थे। ऐसे में दूसरी लेन पर फ्लाईओवर का निर्माण जल्द कराने का निर्णय लिया गया। हम छह महीने में फ्लाईओवर बनाकर तैयार कर देंगे। ऐसे में थोड़ी परेशानी तो होती ही है। पहले सर्विस रोड बनाकर फ्लाईओवर का निर्माण आरंभ तो ज्यादा समय लगता और लोगों को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ती। - अरविंद कुमार - पीडी-एनएचएआई

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