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दिल्ली कूच से पहले हापुड़ में 50 से अधिक विपक्षी नेता नजरबंद, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

Published: Fri, 09 Oct 2026 08:47 PM (IST)

हापुड़ में दिल्ली में प्रस्तावित विपक्षी मार्च में शामिल होने जा रहे सपा, कांग्रेस और भाकियू के 50 से अधिक नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया।

विपक्षी नेता नजरबंद, जागरण।

विपक्षी नेता नजरबंद, जागरण।

HighLights

  1. हापुड़ में 50 से अधिक विपक्षी नेता दिल्ली जाने से रोके गए।

  2. मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया पर दिल्ली में प्रदर्शन प्रस्तावित था।

  3. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।

जागरण संवाददाता, हापुड़। दिल्ली में प्रस्तावित विपक्षी मार्च और प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और भारतीय किसान यूनियन से जुड़े 50 से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया।

इस कार्रवाई को लेकर तीनों संगठनों के नेताओं ने सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों के नेताओं के मुताबिक, दिल्ली में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन की तैयारी थी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जा रही थी।

कांग्रेस नेताओं के साथ दुर्व्यवहार का विरोध

कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ दिल्ली में दुर्व्यवहार के विरोध को भी प्रदर्शन की वजह बताया। नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए घरों पर ही नजरबंद कर दिया। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई को लेकर उसका पक्ष सामने नहीं आया है।

सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दूसरे दिन नजरबंद

समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पियूष बाबा वाल्मीकि को लगातार दूसरे दिन घर पर नजरबंद रखे जाने का आरोप है। छात्रसभा जिलाध्यक्ष रविंद्र यादव ने कहा कि पुलिस रात 12 बजे उनके घर पहुंची और सुबह छह बजे दुकान पर जाने के बाद वहां भी पुलिसकर्मी पहुंच गए।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर धरना जारी रहेगा। सपा जिला उपाध्यक्ष पदम सिंह जाटव ने कहा कि पुलिस कार्रवाई से समाजवादी विचारधारा को दबाया नहीं जा सकता। पार्टी संविधान और मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाती रहेगी।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष को घर पर रोका

कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी को शुक्रवार सुबह उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया। वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ दिल्ली में दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।

राकेश त्यागी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के मुद्दे पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। कांग्रेस कार्यकर्ता संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष को दिल्ली जाने से रोका

भाकियू लोकहित के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बाना को भी पुलिस ने दिल्ली जाने से रोक दिया। उनके कन्हैया एंक्लेव स्थित आवास के बाहर पुलिस तैनात रही। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।

प्रदर्शन में किसान संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े 50 से अधिक लोगों के शामिल होने की तैयारी बताई गई थी। इनमें पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष गजराज सिंह, अब्दुल कादिर, रामपाल सिंह, कोशिंदर गुर्जर, आनंदपाल गुर्जर, सपा जिलाध्यक्ष आकाश जाटव, डॉ. शोएब, कुशलपाल आर्य, मोहित चौधरी, कुणाल चौधरी, संजय गहलोत, पुरुषोत्तम वर्मा, संजय यादव और पुनीत शर्मा सहित अन्य लोग शामिल हैं।

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