हापुड़ जिला अस्पताल में नई व्यवस्था, मुख्य गेट पर बनी 'बुखार डेस्क'; थर्मामीटर से जांच के बाद ही मिलेगी एंट्री
हापुड़ जिला अस्पताल ने बढ़ते बुखार के मामलों को देखते हुए मुख्य गेट पर 'बुखार डेस्क' शुरू की है। यहां ...और पढ़ें

बुखार डेस्क पर मरीजों की होती स्क्रीनिंग।
HighLights
हापुड़ जिला अस्पताल में 'बुखार डेस्क' की शुरुआत।
मुख्य गेट पर इंफ्रारेड थर्मामीटर से तापमान जांच।
तेज बुखार वाले मरीजों की पहचान और निगरानी।
संवाद सहयोगी, हापुड़। बदलते मौसम में बढ़ रहे बुखार के मामलों को देख दस्तोई रोड स्थित जिला अस्पताल ने मरीजों की स्क्रीनिंग करना शुरू कर दिया है।
अब अस्पताल में आने वाले मरीजों को सीधे ओपीडी में भेजने से पहले मुख्य गेट पर स्थापित बुखार डेस्क पर इंफ्रारेड फारहेड डिजिटल थर्मामीटर से तापमान की जांच करानी होगी और शरीर का तापमान सामान्य से अधिक मिलने पर मरीज का नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीज की निगरानी और आगे की जांच कराई जा सके।
इंफ्रारेड फारहेड डिजीटल थर्मामीटर मरीज के शरीर को छुए बिना माथे के पास से तापमान मापेगा। शुक्रवार को शुरू हुई बुखार डेस्क में अस्पताल पहुंचे करीब 200 मरीजों की स्क्रीनिंग की गई।
बढ़ते मरीजों को देख स्क्रीनिंग व्यवस्था बनाई प्रभावी
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य तेज बुखार से पीड़ित मरीजों की समय रहते पहचान करना और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श व जांच उपलब्ध कराना है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर हेमलता सिंह ने बताया कि बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या को देख स्क्रीनिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाया गया है।
डेस्क पर जांच के दौरान यदि किसी मरीज का तापमान अधिक पाया जाता है तो, उसकी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद चिकित्सक की सलाह के अनुसार मरीज की आवश्यक जांच कराई जाएंगी।
अस्पताल में बढ़ रहे बुखार-खांसी के मरीज
इन दिनों अस्पताल में बुखार, खांसी, जुकाम व अन्य दूसरी से पीड़ित मरीजों की संख्या एक हजार से भी अधिक पहुंच रही है। ऐसे में मुख्य गेट पर ही तापमान की जांच होने से तेज बुखार वाले मरीजों की प्रारंभिक स्तर पर पहचान हो सकेगी। अस्पताल का मानना है कि इससे मरीजों को समय पर उपचार दिलाने के साथ ही बुखार से जुड़े संभावित संक्रमण की निगरानी में भी मदद मिलेगी।
