हापुड़ में 45 करोड़ से बनेंगे 2 बिजलीघर और लगेंगे 200 ट्रांसफार्मर, बिजली कटौती और ओवरलोडिंग से मिलेगी राहत
हापुड़ में ऊर्जा निगम ने बिजली की बढ़ती मांग और ओवरलोडिंग से निपटने के लिए 45 करोड़ रुपये की योजना ...और पढ़ें

औद्योगिक क्षेत्रों में दो नए औद्योगिक बिजलीघर बनाने की तैयारी की गई है। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
हापुड़ में 45 करोड़ की बिजली सुधार योजना।
दो नए औद्योगिक बिजलीघर और 200 ट्रांसफार्मर लगेंगे।
दस बिजलीघरों की क्षमता में होगा इजाफा।
जागरण संवाददाता, हापुड़। जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की बढ़ती मांग और ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए ऊर्जा निगम ने तैयारी तेज कर दी है।
बिजनेस प्लान फेज-2 के तहत जिले में दो नए औद्योगिक बिजलीघर बनाने, 200 से अधिक नए ट्रांसफार्मर लगाने और दस बिजलीघरों की क्षमता बढ़ाने की योजना तैयार की गई है।
करीब 45 करोड़ रुपये के इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद कार्य शुरू कराए जाएंगे। योजनाओं के धरातल पर उतरने से उद्योगों के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है।
25 करोड़ की लागत से दो औद्योगिक बिजलीघर प्रस्तावित
विभागीय योजना के अनुसार, मोदीनगर रोड और जिंदल नगर, पिलखुवा में करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से दो औद्योगिक बिजलीघर प्रस्तावित हैं। इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है।
नए बिजलीघर बनने से बढ़ते विद्युत भार को संभालने और उद्योगों को बेहतर आपूर्ति देने में मदद मिलेगी। इससे पहले बिजनेस प्लान फेज-1 में 23 करोड़ रुपये की लागत से बाबूगढ़ में बिजलीघर स्वीकृत किया गया था।
ओवरलोडिंग वाले क्षेत्रों में लगेंगे 200 ट्रांसफार्मर
बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 100 से 250 केवीए क्षमता के 200 से अधिक नए ट्रांसफार्मर लगाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इन्हें उन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर लगाया जाएगा, जहां अधिक भार के कारण ट्रांसफार्मर गर्म होने, खराब होने और आपूर्ति बाधित होने की समस्या सामने आती है। नए ट्रांसफार्मर लगने से स्थानीय स्तर पर लोड का बेहतर बंटवारा हो सकेगा और उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिलने की उम्मीद है।
दस बिजलीघरों की क्षमता में होगा इजाफा
जिले में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए दस उपकेंद्रों की क्षमता पांच से दस एमवीए तक बढ़ाने की योजना है। इनमें प्रीत विहार, आनंद विहार, अतरपुरा, धीरखेड़ा और पटना मुरादपुर समेत गढ़मुक्तेश्वर और पिलखुवा क्षेत्र के बिजलीघर शामिल हैं। क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इससे संबंधित क्षेत्रों में बढ़ते विद्युत भार को संभालने और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने में मदद मिलेगी।
जोन के राजस्व में हापुड़ की 45 प्रतिशत हिस्सेदारी
ऊर्जा निगम के संबंधित जोन के कुल राजस्व में हापुड़ की हिस्सेदारी करीब 45 प्रतिशत बताई जा रही है। इसी के मद्देनजर बिजनेस प्लान में जिले के लिए अधिक बजट मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, प्रस्तावित कार्यों का लाभ तभी पूरी तरह मिल सकेगा, जब योजनाओं को समयबद्ध तरीके से मंजूरी देकर निर्माण और क्षमता वृद्धि के कार्य पूरे कराए जाएंगे।
अधिकारी बोले...
औद्योगिक क्षेत्रों के साथ शहर और ग्रामीण अंचल में निर्बाध बिजली आपूर्ति देना प्राथमिकता है। इसके लिए बिजनेस प्लान फेज-2 तैयार किया गया है। इसमें दो बिजलीघरों समेत कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
-सुभाष चंद्र, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम।
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