हापुड़ के बक्सर में ग्रेप के नियम ताक पर, खुले में जल रहा कूड़ा
हापुड़ के बक्सर गांव में ग्रेप के पहले चरण के बावजूद खुले में कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।

हापुड़ के बक्सर में ग्रेप के नियम ताक पर ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
बक्सर गांव में खुले में कूड़ा जलाया जा रहा।
ग्रेप के पहले चरण के नियम तोड़े जा रहे।
प्रदूषण से राहगीर और छात्र परेशान हो रहे।
संवाद सहयोगी, हापुड। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ना बढे इसके लिए सतर्कता बरतने के निर्देश हैं, पर कुछ लापरवाह इन आदेशों का पालन नहीं कर रहे है।
कूड़ा जलाने और खुले में सामग्री रखने पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद बक्सर गांव में खुले में कूड़े में आग लगने का एक फोटो सामने आया है, जिसने जिम्मेदारों की पोल खोल दी है।
धुएं के कारण प्रदूषित हो रहा वातावरण
ब्लॉक क्षेत्र के बक्सर गांव में पुराने हाईवे किनारे पड़े कूड़े के ढेर में आग लगाई गई। कूड़े में पॉलिथीन, प्लास्टिक की बोतलें, कपड़े और अन्य अपशिष्ट नजर आ रहे हैं। इनके जलने से उठने वाले धुएं के कारण आसपास के वातावरण में प्रदूषण फैल रहा है।
वहीं, सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को भी धुएं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में बढ़ोतरी को देखते हुए जिले में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) का पहला चरण लागू है।
सवाल खड़े कर रही कूड़ा जलाने की घटना
इसके तहत प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कूड़ा जलाने और खुले में निर्माण सामग्री रखने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद खुले में कूड़ा जलाने की घटना सामने आना निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जिला स्तर से आने वाले आदेश ब्लाक और तहसील पर दम तोड़ देते हैं।
कालेज की छात्र- छात्राएं इसी मार्ग से होकर निकलते है, तो उन्हें धुएं से काफी दिक्कत हुई। कूड़े के ढेर में आए दिन कोई ना कोई आग लगा देता है, इसकी तरफ जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है।-- पंकज शर्मा, प्रधानाचार्य
वायु प्रदूषण को रोकने के लिए लगातार जागरूकता की जा रही है, इसके बावजूद कूड़े के देर में आग लगाना गंभीर मामला है। संबंधित लोगों से वार्ता कर आग लगने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-- हेमंत कुमार, तहसीलदार (गढ़मुक्तेश्वर)यह भी पढ़ें- चंबल में रेत माफिया पर AI का शिकंजा: 45 मीटर ऊंचे टावर से होगी 5 किमी तक निगरानी, हाईवे पर भी लगेंगे ‘डिजिटल पहरेदार’
