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गढ़मुक्तेश्वर की बदलेगी तस्वीर: नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे से बढ़ेगी कनेक्टिविटी; रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

Published: Tue, 17 Mar 2026 04:02 PM (IST)

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गढ़मुक्तेश्वर एक प्रमुख कनेक्टिविटी केंद्र बन रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे, NH-09 और प्रस्तावित लिंक मार्गों से ...और पढ़ें

पश्चिमी यूपी का उभरता कनेक्टिविटी हब बन रहा गढ़मुक्तेश्वर। (AI Generated Image)

पश्चिमी यूपी का उभरता कनेक्टिविटी हब बन रहा गढ़मुक्तेश्वर। (AI Generated Image)

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ओमप्रकाश गौतम, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे सड़क नेटवर्क के बीच गढ़मुक्तेश्वर अब क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का बड़े केंद्र के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।

गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग-09 और प्रस्तावित क्षेत्रीय लिंक मार्गों के जुड़ने से गढ़ क्षेत्र रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र परिवहन, व्यापार और औद्योगिक विकास का प्रमुख हब बनेगा।

मिलेगी राष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी

गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के साथ गंगानगरी क्षेत्र को सीधे राष्ट्रीय स्तर की कनेक्टिविटी मिलने जा रही है। सदरपुर क्षेत्र से एक्सप्रेसवे का लिंक बुलंदशहर के स्याना होते हुए जेवर एयरपोर्ट को जोडऩे वाले हाईवे से प्रस्तावित है।

यहां से गंगा एक्सप्रेसवे को इंटरलिंक दिया जा सकता है, जो गढ़ क्षेत्र सीधे अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क नेटवर्क से भी जुड़ जाएगा। वर्तमान में दिल्ली से लखनऊ को जोडऩे वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पहले ही गढ़ होकर गुजरता है।

माल परिवहन की लागत होगी कम

अब मेरठ, बुलंदशहर, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट से सड़क संपर्क मजबूत होने के कारण गढ़मुक्तेश्वर गंगानगरी भौगोलिक रूप से ट्रांसपोर्ट जंक्शन की भूमिका निभाने लगा है। निवशकों का मानना है कि सड़क नेटवर्क के इस विस्तार से माल परिवहन की लागत कम होगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

गंगा किनारे स्थित धार्मिक नगरी होने के कारण गढ़मुक्तेश्वर पहले ही पर्यटन और आस्था का बड़ा केंद्र रहा है।

बेहतर सडक़ों और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से अब दिल्ली-एनसीआर, मेरठ मंडल और पूर्वी उत्तर प्रदेश से श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान होगी। इससे स्थानीय होटल, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

क्षेत्र में बढ़ेंगी लाजिस्टिक गतिविधयां

क्षेत्रीय विकास योजनाओं के तहत प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे और लाजिस्टिक गतिविधियां भी गढ़ क्षेत्र के आसपास आकार ले सकती हैं। भूमि उपलब्धता और हाईवे कनेक्टिविटी निवेशकों को आकर्षित कर रही है। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि एक्सप्रेसवे और हाईवे नेटवर्क जुड़ने के बाद गढ़मुक्तेश्वर पश्चिमी यूपी का वैकल्पिक ट्रांजिट सेंटर बन सकता है। इससे मेरठ और नोएडा पर यातायात दबाव भी कम होगा व क्षेत्रीय संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

जेवर एयरपोर्ट से बढ़ेगी रणनीतिक अहमियत

जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सड़क संपर्क स्थापित होने के बाद गढ़मुक्तेश्वर लाजिस्टिक और ट्रांसपोर्ट गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा। निर्यात-आयात आधारित व्यापार और वेयरहाउसिंग सेक्टर को क्षेत्र में नई संभावनाएं मिलेंगी।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

गंगा स्नान, कार्तिक पूर्णिमा मेला और धार्मिक आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं को अब बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। दिल्ली-एनसीआर से कम समय में पहुंच संभव होने से गढ़ का धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

रोजगार और निवेश की खुलेंगी राहें

हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़े क्षेत्रों में उद्योग, ढाबा, होटल, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर तेजी से विकसित होते हैं। गढ़ गंगानगरी में भी निजी निवेश बढऩे से युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन संभव होगा।

गढ़ से इतनी दूरी पर यह शहर

  • गढ़ से प्रयागराज (गंगा एक्सप्रेसवे) - 600 किमी- 7 घंटे
  • गढ़ से मेरठ (हाईवे 709ए) निर्माणधीन- 40 किमी- 35 मिनट
  • गढ़ से मुरादाबाद - 70 किमी- 60 मिनट
  • गढ़ से दिल्ली एनएच09 - 75 किमी - 60 मिनट

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दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में गढ़मुक्तेश्वर में बाहरी निवेशक आ रहे हैं और उद्योग लगाने के लिए प्रयासरत हैं, जिससे क्षेत्र को भारी लाभ पहुंचेगा।

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उदित गोयल, कारोबारी

पश्चिमी यूपी में गढ़मुक्तेश्वर को अच्छी कनेक्टिविटी मिल गई है। अच्छे स्तर पर उद्योग लगने की तैयारी की जा रही हैं, जिससे गंगानगरी को बढ़ाना मिल रहा है।

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रुपेश पंडित, कारोबारी