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येलो अलर्ट के निशान से ऊपर बह रही गंगा, मामूली जलस्तर घटा; हापुड़ के कई गांवों पर बाढ़ का खतरा

Published: Mon, 24 Aug 2026 06:42 PM (IST)

पांच दिनों की बढ़ोतरी के बाद गंगा के जलस्तर में 9 सेंटीमीटर की गिरावट आई है, हालांकि यह अभी भी ...और पढ़ें

गंगा का मामली जलस्तर घटा। जागरण

गंगा का मामली जलस्तर घटा। जागरण

HighLights

  1. गंगा के जलस्तर में 9 सेंटीमीटर की मामूली गिरावट दर्ज।

  2. येलो अलर्ट निशान से ऊपर बह रही है गंगा नदी।

  3. प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री बांट रहा है।

संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। पिछले 5 दिनों से लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद रविवार को कुछ राहत मिली है। गंगा के जलस्तर में नौ सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। हालाकि, गंगा अभी भी येलो अलर्ट के निशान से ऊपर बह रही है।

गांवों के रास्तों पर हुए जलभराव एवं कई गांवों में आबादी के बीच भरे पानी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को भी प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाई गई।

गढ़मुक्तेश्वर स्थित गंगा के किनारे बसे गांवों के लोगों को पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ाें पर हो रही वर्षा के साथ ही हरिद्वार एवं बिजनाैर बैराज से प्रतिदिन लाखाें क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसके कारण गंगा का पानी हजारों बीघा जमीन में भर गया है।

वहीं, नयागांव इनायतपुर, अब्दुलापुर, कोथला, रामपुर न्यामतपुर, आलमगीरपुर, मोहम्मदपुर शाकरपुर, लठीरा, कृष्णावाली मंढैया, नयाबांस बख्तावरपुर, चक लठीरा, काकाठेर की मंढैया, लठीरा, गुलालपुर, फरीदपुर एतमोली, गंगानगर गांवों के आसपास पानी जमा हो गया है तो वहीं कई गांवों में पानी भर गया है।

गांवों में जलभराव होने के कारण लोगों के सामने मुसीबत खड़ी होनी शुरू हो गई है। इसके अतिरिक्त चकलठीरा, शेरा कृष्णा वाली मंढैया, काकाठेर की मंढैया, गुलालपुर, फरीदपुर एतमोली, लठीरा एतमोली गांवों के अंदर तो जलभराव हो गया है। इससे आबादी के बीच जलीय एवं जहरीले जीवों के पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।

वहीं, जलभराव के बाद पशु पालकों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। लोग जान खतरे में डालकर दूसरे इलाकों से घास आदि काटकर पशुओं का पेट भर रहे हैं।

गंगा के जलस्तर में गिरावट

पांच दिन पूर्व गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होनी शुरू हुई थी। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट के निशान 198.75 मीटर को पार करके 198.80 मीटर पर पहुंच गया था। इसके बाद शनिवार को गंगा का जलस्तर 198.92 मीटर पर पहुंच गया। जो गंगा खतरे के निशान 199.00 मीटर से मात्र आठ सेंटीमीटर से नीचे रह गया था। लेकिन रविवार को गंगा के जलस्तर में नौ सेंटीमीटर की गिरावट के साथ ही 198.83 मीटर दर्ज किया गया।

इसके बाद गांवों से पानी निकलना शुरू हो गया है। हालाकि पहाड़ाें पर हो रही वर्षा तथा हरिद्वार एवं बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण लोगों में चिंता पसरी हुई है।

मदद को बढ़ रहे हाथ

शनिवार से ही प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करनी शुरू कर दी थी। रविवार को भी विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया, एसडीएम श्रीराम यादव ने कई गांवों में राहत सामग्री बांटी तो वहीं तहसीलदार पवन यादव तथा नायब तहसीलदार वेद प्रकाश सोनी के नेतृत्व में भी राहत सामग्री बांटी गई।

एसडीएम ने बताया कि पशुओं के चारे के लिए अभी करीब 800 क्विंटल भूसा रखा गया है। पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में पशुओं का आंकलन कर डिमांड भेजी जा रही है। वहीं कुछ सामाजिक संगठनों ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

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बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री वितरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती कर नजर रखी जा रही है। प्रशासन द्वारा लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। - श्रीराम यादव, एसडीएम