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हापुड़ के गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा, गंगा का जलस्तर येलो निशान के पार... प्रशासन अलर्ट

Published: Fri, 21 Aug 2026 10:14 PM (IST)

गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे हापुड़ के खादर गांवों ...और पढ़ें

गंगा का जलस्तर बढ़ा। जागरण

गंगा का जलस्तर बढ़ा। जागरण

संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। गंगा में आए उफान के कारण खादर के गांवों में रहने वाले लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। इस वर्ष पहली बार गंगा येलो अलर्ट के निशान को पार कर खतरे के निशान की तरफ बढ़नी शुरू हो गई है।

गंगा में आए उफान के कारण हजारों की बीघा जमीन, रास्तों एवं गांव के बाहरी छोर तक जलभराव हो गया है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इन गांवों पर मंडराया खतरा

पहाड़ों पर हो रही लगातार वर्षा के कारण गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले चार दिनों में गंगा के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर से अधिक की वृद्धि होने के कारण गंगा खादर के गांवों नयागांव इनायतपुर, अब्दुलापुर, कोथला, रामपुर न्यामतपुर, आलमगीरपुर, मोहम्मदपुर शाकरपुर, लठीरा, कृष्णावाली मंढैया, नयाबांस बख्तावरपुर, चक लठीरा, काकाठेर की मंढैया, लठीरा, गुलालपुर, फरीदपुर एतमोली, गंगानगर के जंगल में जलभराव हो गया है। इतना ही नहीं कई गांवों के बाहरी छोर तक जलभराव हो गया है।

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गांवों के जाने वाले रास्तों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है। शुक्रवार को हरिद्वार एवं बिजनौर बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा के जलस्तर में पांच सेंटी मीटर की वृद्धि हो गई।

गंगा येलो अलर्ट के निशान 198.75 मीटर को पार करके 198.80 मीटर पर पहुंच गया है। अब गंगा खतरे के निशान 199.00 मीटर से मात्र 20 सेंटीमीटर से नीचे रह गई है।

गंगा में आए उफान के कारण करीब चार हजार बीघा जमीन में जलभराव हो गया है। इससे चारा, दलहन, सब्जी जैसी फसलों में गलन फैलने की संभावना बढ़ गई है। फसल गलने से जहां किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होगा तो वहीं वर्तमान में किसानों के सामने चारे की समस्या खड़ी हो गई है। लोग गढ़ नगर के आसपास के ऊंचे पर बसे गांवों में घास आदि काटने के लिए पहुंच रहे हैं।

जलीय जीवों का बढ़ा खतरा

गंगा का पानी जंगलों एवं आबादी के बीच तक पहुंचने के बाद जलीय एवं जहरीले जीवों का खतरा बढ़ गया है। इसको लेकर लोगों में चिंता पसर रही है। वहीं जलभराव के बाद सेंचुरी क्षेत्र में रहने वाले तेंदुए आदि का यहां से निकलकर आबादी अथवा सूखे क्षेत्र में जाने की संभावना बढ़ गई है।

वहीं, ऐसे में आने वाले दिनों में बांगर क्षेत्र में तेंदुओं की दस्तक अधिक दिखाई दे सकती है। बुधवार को गढ़- मेरठ मार्ग पर एक यूके लिपटिस के पेड़ पर तेंदुआ बैठा दिखाई दिया था, जिसका वीडियो किसी राहगीर ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया था।

विवरण स्तर (मीटर)
शुक्रवार 198.80 मीटर
बृहस्पतिवार 198.75 मीटर
बुधवार 198.65 मीटर
येलो अलर्ट 198.75 मीटर
खतरा निशान 199.00 मीटर
रेड अलर्ट 199.33 मीटर

गंगा में जलस्तर काफी तेजी के साथ बढ़ रहा है। खादर के गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने यहां नाव एवं मोटर बोट की व्यवस्था करते हुए बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को निगरानी के निर्देश दिए है। हम भी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। लोगों से गहरे पानी की तरफ नहीं जाने की अपील की जा रही है। - श्रीराम यादव, एसडीएम