गंगा के बीच कुदरत का करिश्मा, तिगरी और गढ़ के बीच बने रेत के टापू; मेले में आने वालों के लिए बनेंगे पिकनिक स्पॉट
गढ़मुक्तेश्वर के गंगा खादर में लगने वाला कार्तिक पूर्णिमा मेला इस बार भव्य होगा, जिसमें श्रद्धालुओं को गंगा में बने कई खूबसूरत रेत के टापू आकर्षित करेंगे।

सांकेतिक तस्वीर, एआई जनरेटेड।
HighLights
गंगा में बने कई खूबसूरत रेत के टापू।
कार्तिक पूर्णिमा मेले में श्रद्धालुओं का आकर्षण।
तिगरी और गढ़मुक्तेश्वर के बीच स्थित टापू।
ध्रुव शर्मा, गढ़मुक्तेश्वर। गंगा के खादर में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले में इस बार श्रद्धालुओं को बेहद खूबसूरत नाराज देखने को मिलेगा। गंगा में बने कई टापू श्रद्धालुओं को अपनी तरफ आकृषित करेंगे। इसी के साथ मेले का इस बार भव्य आयोजन किया जा रहा है।
गढ़मुक्तेश्वर के गंगा खादर क्षेत्र में लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले को इस बार भव्य बनाया जा रहा है। इस बार मेले में आकृषक गेट बनाने के साथ ही कई तरह की रंगीन लाइटों को लगाया जा रहा है। इस बार गंगा में बाढ़ अधिक दिनों तक नहीं रहने के कारण गंगा में अधिक जल नहीं है।

तस्वीर- जागरण
गहरे पानी में न जाएं श्रद्धालु इसका भी इंतजाम
हालांकि गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को अधिक पानी में जाने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग आदि की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन इन सभी के बीच मेला स्थल पर तीन से अधिक बड़े टापू बन गए हैं।
तिगरी एवं गढ़मुक्तेश्वर के बीच काकाठेर की मंढैया तक बने यह टापू लोगों को सकून देने वाले हाेंगे। जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए काफी रोमांचकारी होंगे।
गंगा की दो धाराओं के बीच बने इन टापू पर सर्द मौसम के बीच खिली धूप में स्नान करने का एक अलग आनंद होगा। इन टापूओं पर खड़े होकर दाेनों मेलों के बीच खड़े होने का एक अलग अनुभव होगा।