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संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर

पहाड़ों पर हुई बारिश के कारण गंगा का जलस्तर दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है, जिसके कारण कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारी भी रुक जाएगी। क्योंकि जिस स्थान पर मेला आयोजित होता है, वहां पर करीब तीन से चार फीट पानी हो गया है, जिसके कारण अब 15 दिन में कैसे मेले की तैयारी हो सकेगी।

बता दिया जाए कि पिछले साल कोरोना संक्रमण के कारण कार्तिक पूर्णिमा मेले का आयोजन नहीं हुआ था। लेकिन इस बार कोरोना प्रोटोकाल के तहत मेला आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। उक्त तैयारियों के बीच गंगा का बढ़ा जलस्तर अधिकारियों के लिए अग्नि परीक्षा लेकर आया है। क्योंकि मात्र 15 दिन में उक्त विशाल मेले की तैयारियों को कैसे पूरा किया जा सकेगा। हर साल आयोजित होने वाले कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला की तैयारी के लिए जिला पंचायत द्वारा की जाती है।

इस साल नौ से 21 नंवबर तक मेला का आयोजन होता है। गंगा स्नान दीपदान का मुख्य पर्व 18 नवम्बर तिथि तय है। लेकिन बृहस्पतिवार को गंगा की बाढ़ का पानी खादर क्षेत्र अंतर्गत मुख्य पक्की सड़क तक आ गया है। गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी न होने पर भी गंगा में बाढ़ का जल अभी रहेगा तो ऐसे में मेला की तैयारी कब और कैसे होगी एक बड़ा सवाल है।

बृहस्पतिवार को गंगा के बढ़ते जलस्तर सहित मेले की तैयारियों को लेकर एसडीएम अरविद द्विवेदी, सीओ पवन कुमार ने खादर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से जलस्तर पर निगाह बनाए रखने की बात कहीं। उसके बाद अधिकारियों ने मेला स्थल के लिए जाने वाले मार्गों का भी निरीक्षण किया। इस संबंध में एसडीएम अरविद द्विवेदी ने बताया कि मेला स्थल पर अभी गंगा का जलस्तर है। गांवों का दौरा कर लोगों को जागरुक रहने के लिए कहा गया है।

Edited By: Jagran