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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गंगा के जलस्तर ने बढ़ाई किसानों की टेंशन, कई गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा; हरे चारे का भी संकट

Published: Mon, 11 Aug 2025 02:59 PM (IST)

हापुड़ के खादर क्षेत्र में गंगा में जलभराव के कारण किसानों की फसलें खराब हो गई हैं जिससे हरे चारे ...और पढ़ें

खादर में जलभराव होने से पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। जागरण
खादर में जलभराव होने से पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। जागरण

HighLights

  1. गंगा में जलभराव से चारे का संकट
  2. पशुओं को भूसा खिलाने को मजबूर किसान
  3. किसानों ने मुआवजे की मांग की है

अशरफ चौधरी, गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़)। पिछले दिनों खादर क्षेत्र में गंगा के जलस्तर बढ़ने के बाद खेतों में पानी भरा होने से खराब हो रही फसल को देख किसान चिंतित हैं। सबसे अधिक हरे चारे और सब्जी की फसल प्रभावित हुई है।

खादर क्षेत्र में अब हरा चारा न मिलने पर लोगों ने पशुओं को भूसा खिलाना शुरू कर दिया है। शासन स्तर से भी किसानों को पशुओं के लिए भूसा दिलाया गया हैं।

खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को आवागमन के साथ ही पशुओं के चारा का संकट का भी खड़ा हो गया है। अबकी बार गांवों में बाढ़ के हालात बने हुए है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर गंगा किनारे घाट और खेतों पर जाने से रोक लगा दी थी।

वहीं, जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के किसानों का काम प्रभावित हो गया तो फसल भी खराब हो गई हैं। खादर क्षेत्र में पानी की जद में आई सबसे अधिक नुकसान हरे चारे और सब्जी के फसलों को हुआ। इसके साथ ही पशुओं को हरे चारे का संकट गहराने लगा।

किसान कलवा सिंह, धर्मेंद्र राणा, जयवीर सिंह, काबल सिंह आदि ने बताया कि जलभराव के कारण चारा नष्ट होना तय है। ऐसे में पशुओं को हरा चारा मिलने का संकट रहेगा। पिछले करीब एक सप्ताह से खेतों में लगातार पानी भरा होने से सब्जी सहित करीब एक हजार बीघा से अधिक हरे चारे की फसल लगभग पूरी तरह खराब हो चुकी है।

बताया गया कि गंगा खादर में पशुओं का चराना बंद हो गया है। हरे चारे की कमी के चलते अब लोग पशुओं को भूसा खिला रहे हैं। ऐसे में भूसा भी कुछ दिनों में कम होता जाएगा। आने वाले दिनों में चारे की कमी का सामना करना होगा। इससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। खादर के लोगों को गढ़ नगर सहित आस पास के गांवों से हरा चारा महंगे दामों में लाने के लिए मजबूर होना पड़ा रहा है। किसानों की मांग है कि खराब हुई फसलों का मुआवजा दिया जाए।

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एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि खादर क्षेत्र के गांवों में लगातार भ्रमण किया जा रहा हैं और राहत सामग्री वितरण के साथ पशुओं के चारा की भी व्यवस्था कराई जा रही हैं।