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हापुड़ में एक साथ घूमते दिखे 5 तेंदुए, कार सवार ने दूसरे रास्ते से भागकर बचाई जान; दहशत में ग्रामीण

By Satish SharmaEdited By: Kushagra Mishra
Published: Wed, 07 Oct 2026 11:39 PM (GMT+05:30)

सिंभावली के नवादा नहर पुल पर एक साथ पांच तेंदुए देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। कार ...और पढ़ें

हापुड़ में एक साथ घूमते दिखे तेंदुए। फोटो: वीडियो ग्रैब

हापुड़ में एक साथ घूमते दिखे तेंदुए। फोटो: वीडियो ग्रैब

HighLights

  1. नवादा नहर पुल पर एक साथ पांच तेंदुए दिखे।

  2. ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।

  3. गन्ने की कटाई से किसानों की चिंता बढ़ी।

जागरण संवाददाता, सिंभावली। थाना क्षेत्र के नवादा नहर पुल के पास एक साथ पांच तेंदुए दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। तेंदुओं की वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद दहशत और बढ़ गई है। जहां एक तरफ वन विभाग लापरवाही बरत रहा है, दूसरी तरफ लोगों की जान जोखिम में है।

एक साथ पांच तेंदुए दिखने से दहशत

सिंभावली थाना क्षेत्र के दत्तियाना गांव के नाजिम पुत्र सलीम ने बताया कि वह बुधवार को कार से सिंभावली से अपने गांव लौट रहे थे। नवादा नहर पुल के पास पहुंचने पर सड़क किनारे उन्हें तेंदुए दिखाई दिए।

उन्होंने कार रोककर लाइट की रोशनी में उनकी वीडियो क्लिप बनानी शुरू कर दी। इसी दौरान उनकी नजर पड़ी तो सड़क पर एक-दो नहीं, बल्कि पांच तेंदुए घूमते दिखाई दिए।

यह देखकर नाजिम के होश उड़ गए और वह कार लेकर दूसरे रास्ते से गांव की ओर निकल गए। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार तेंदुए दिखाई देने और उनकी वीडियो सामने आने के बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।

भाकियू नेता अजय त्यागी, संजय त्यागी, सोनू त्यागी, जितेंद्र और मोनू आदि ने बताया कि कई बार वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के साथ वीडियो भी उपलब्ध कराए गए, लेकिन टीम मौके पर पहुंचकर महज औपचारिकता पूरी कर लौट जाती है।

गन्ने की कटाई में बढ़ा हमले का खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग को छोड़कर शायद सभी को तेंदुए दिखाई दे रहे हैं। अब गन्ने की कटाई का समय शुरू होने वाला है। ऐसे में किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को तेंदुए के हमले का खतरा बना हुआ है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में प्रभावी निगरानी बढ़ाने और तेंदुओं को पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

जिस मोबाइल से वीडियो बनाई गई है, उसे लेकर जांच-पड़ताल की जाएगी। वीडियो की सत्यता सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कुछ लोग आई के माध्यम से फेक वीडियो बनाकर प्रसारित कर देते हैं।

- सचिन कुमार, उप-निरीक्षक वन विभाग

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