संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर

मौसम ने करवट ली और बृहस्पतिवार सुबह बूंदाबांदी हुई तो किसानों के चेहरे पर ¨चता की लकीरें दिखाई देने लगीं। वे दिन भर भगवान बारिश नहीं होने देने की प्रार्थना करते रहे। किसानों का कहना है कि यदि इस समय बारिश हुई तो गेहूं की फसल को हानि पहुंच सकती है।

मौसम में बदलाव होने से लोगों को गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन किसानों के चेहरे से खुशी गायब हो गई। इस समय गेहूं की फसल पक कर लगभग तैयार हो चुकी है। कुछ दिनों बाद गेंहू की कटाई शुरू हो जाएगी। इस समय यदि बारिश अथवा आंधी आती है तो गेहूं की पक चुकी फसल खराब हो जाएगी। किसान मदहत अली मुखिया, छुट्टन खां, सतपाल ¨सह, संदीप ¨सह ने बताया कि गेहूं की फसल लगभग पक चुकी है। यदि अब बरसात होती है तो फसल को नुकसान हो सकता है। इससे छह माह की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस