जागरण संवाददाता, हापुड़ :

प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने दोपहर साढ़े 12 बजे जैसे ही बजट पढ़ना शुरू किया तो उम्मीदों की आस लगाए बैठे लोगों की नजरें टीवी पर रुक गईं। हर कोई इस आशा के साथ टीवी के सामने बैठा था कि प्रदेश के वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट से उसे कुछ न कुछ लाभ अवश्य मिलेगा। कुल मिलाकर बजट किसानों, शिक्षा क्षेत्र और ऊर्जा क्षेत्र के लिए अधिक समर्पित रहा। व्यापारी वर्ग प्रदेश सरकार के बजट से नाराज नजर आया। गत वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बजट में 11.4 प्रतिशत अधिक धन की व्यवस्था की गई है। उप्र के वित्त मंत्री ने लगभग 4 लाख 28 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट में युवाओं के लिए स्पो‌र्ट्स कालेज एवं स्टेडियम की स्थापना करने का प्रावधान है। जनपद में स्टेडियम के लिए अभी तक जमीन की तलाश पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में बजट से युवा खिलाड़ियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

सुधरेगी सड़कों की हालत

बजट में सड़कों और पुलों की जर्जर हालत को सुधारने के लिए करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है। पुलों के निर्माण और मरम्मत के लिए 1817 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। जिले में बड़े स्तर पर गांवों को आपस में जोड़ने वाले पुलों की हालत खस्ता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनके यहां भी बेहतर और मजबूत पुल इस बार सरकार बनवाएगी।

आवास की जरूरत होगी पूरी

सरकार ने गरीबों को पांच लाख घर देने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री आवास योजना की बात की जाए तो जिले में सैकड़ों परिवार ऐसे हैं, जो आज भी इस योजना का लाभ ले पाने से वंचित हैं। योजना के लिए बजट में 11500 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था की गई है। इससे गरीबों को लाभ मिलेगा। वहीं, मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है।

जगी रोजगार की उम्मीद

वर्तमान समय में रोजगार नहीं मिल पाना सबसे बड़ी समस्या है। नई औद्योगिक नीति से युवाओं में आशा की किरण दिखाई दी है। नए उद्योग लगेंगे तो बेरोजगारी की समस्या कम हो जाएगी। स्वरोजगार के लिए भी मदद करने का बजट में प्रावधान किया गया है।

चौबीस घंटे बिजली की आपूर्ति

सरकार सबसे अधिक ध्यान इस बात पर दे रही है कि हर घर में कनेक्शन जरूर हो। सौभाग्य योजना के अंतर्गत जिले में कनेक्शन दिए जा रहे हैं। करीब दस हजार कनेक्शन अभी जिले में दिए जाने हैं। सरकार ने सौभाग्य योजना को सफल बनाने के लिए एक हजार आठ सौ करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है।

स्वच्छ होगा अपना शहर

स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पालिकाओं और गांवों में शौचालय बनाने का कार्य चल रहा है, लेकिन बजट की कमी के कारण काम रुके हुए थे। नए बजट में स्वच्छ भारत मिशन के लिए 1100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। जिससे शौचालय बनाने का काम जल्द पूरा हो सकेगा।

Posted By: Jagran

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