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स्कूल वाहन के रूप में नहीं चलेंगे ई-रिक्शा, प्रशासन सख्त; पकड़े जाने पर गाड़ियां होंगी सीज

Published: Wed, 07 Oct 2026 12:11 PM (IST)

हापुड़ प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ई-रिक्शा को स्कूल वाहन के रूप में प्रतिबंधित कर ...और पढ़ें

हापुड़ प्रशासन का बड़ा फैसला

हापुड़ प्रशासन का बड़ा फैसला

HighLights

  1. स्कूल वाहन के रूप में ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित

  2. पकड़े जाने पर वाहनों को सीज करने की कार्रवाई होगी

  3. स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट, स्पीड गवर्नर की जांच होगी

जागरण संवाददाता, हापुड़। स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहनों पर अब प्रशासन सख्ती करने की तैयारी में है। बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के लिए ई-रिक्शा का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे वाहनों के खिलाफ सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट और स्पीड गवर्नर की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक विकास खंड में तीन दिन के भीतर स्कूल वाहन परिवहन समिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मासिक समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देश

मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी कविता मीना ने अधिकारियों को सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) पर तत्काल सुधारात्मक कार्य कराए जाएं।

जरूरत के अनुसार, स्पीड ब्रेकर, कैट्स आई, रिफ्लेक्टर और संकेतक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि वाहन चालकों को संभावित खतरे का पहले ही पता चल सके।

स्कूली वाहनों की सुरक्षा जांच के निर्देश 

डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक और परिवहन विभाग को स्कूली वाहनों की सुरक्षा जांच के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसमें वाहनों की फिटनेस, परमिट, स्पीड गवर्नर और अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। प्रत्येक विकास खंड में तीन दिन के भीतर स्कूल वाहन परिवहन समिति गठित कर बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा गया।

वहीं, प्रत्येक विकास खंड पर स्कूल वाहन परिवहन संचालन के लिए पांच सदस्यीय समितियों का गठन करना होगा। इनमें स्कूलों के साथ ही पुलिस, प्रशासन, स्थानीय निकाय व अभिभावक शामिल होंगे। स्कूल वाहनों पर पुरुष व महिला अटेंडेंट जरूर होगा। चालकों का चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापित कराकर रिपोर्ट एक माह प्रस्तुत करनी होगी। नाबालिग छात्रों के वाहनों को स्कूलों में पार्किंग नहीं दी जाएगी।

हाईवे पर बस खड़ी करके चालक ने चारपाई डाली

हाईवे पर नाे पार्किंग जोन में वाहन खड़े होने से लगातार हादसे हो रहे हैं। इसको लेकर प्रशासन बेहद गंभीर है। सड़क सुरक्षा की बैठक मेंं डीएम के संज्ञान में लाया गया कि निजामपुर कट के पास परिवहन विभाग की पिंक बस खराब हो गई थी। वह तीन दिन तक हाईवे पर ही खड़ी रही। वहीं, चालक ने हाईवे पर ही बाइक के सामने चारपाई डाल ली। इनको परिवहन विभाग की टीम ने हटवाया।

इसको लेकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए। ओवरलोडिंग, अवैध व्यावसायिक संचालन और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी।

नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहन भी होंगे जब्त?

नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के ई-चालान करने के साथ आवश्यकतानुसार जब्ती की कार्रवाई भी होगी। वहीं, हाईवे पर निगरानी वाहन का संचालन नहीं होने पर एनएचएआइ की मुरादाबाद टीम को जमकर फटकार लगाई।

अतिक्रमण हटाने और जागरूकता पर जोर

जिलाधिकारी ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। साथ ही हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।

बैठक में अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रमेश चौबे, यातायात क्षेत्राधिकारी जितेंद्र शर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक डा. श्वेता पूठिया सहित पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।