जागरण संवाददाता, हापुड़

गेहूं बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिख खुशखबरी है। शासन से 2785 क्विटल से अधिक बीज वितरण के लिए जिले में आया है, जिसे ब्लाक कार्यालय पर भेजा गया है। तीन प्रजातियों का बीज आया है, जिस पर किसानों को 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। किसान को कृषि जोत के आधार पर बीज का वितरण होगा। जनपद में नवंबर माह शुरू होते ही गेहूं की बुवाई शुरू हो जाती है। किसान खेतों की जुताई करने में लगे हुए हैं। बड़ी संख्या में किसान सिचाई भी कर रहे हैं। ऐसे में कृषि और सहकारिता विभाग को शासन से गेहूं की खेप प्राप्त हुई है। कृषि विभाग को 1485 क्विटल और सहकारिता विभाग को 1300 क्विटल गेहूं बीज मिला है। अभी 615 क्विटल गेहूं का बीज कृषि विभाग का आना अभी बाकी है। बीज सभी बीज केंद्र और सहकारी समितियों पर उपलब्ध है। जहां से किसानों को बीज वितरित किया जा रहा है। किसानों को जरूरत के आधार पर बीज दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को कृषि भूमि के रकबे से संबंधित दस्तावेज जमा कराए जा रहे हैं। शासन से बीज की कीमत 3580 रुपये प्रति कुंतल रखा गया है, जिस पर अन्नदाता को 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। केवल उन्हीं किसानों को बीज दिया जाएगा, जिनका पंजीकरण विभाग में होगा। जिन किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें पहले पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद ही बीज मिल सकेगा। इन प्रजातियों का बीज मिला

बुवाई के लिए जनपद में तीन प्रजातियों का बीज आया है, जिसमें दो प्रजाति सहकारिता विभाग और तीन प्रजाति का बीज कृषि विभाग को मिला है।

जिले में कृषि विभाग के चार बीज केंद्रों पर किसान एचडी 2967, एचडी 3086 और डब्लूएच 1124 की प्रजाति गेहूं का बीज उपलब्ध है। जबकि सहकारिता विभाग की 36 सहकारी समितियों समेत 38 स्थानों पर पीबीडब्ल्यू 2967 और पीबीडब्ल्यू 3086 प्रजाति का बीज उपलब्ध है। सभी प्रजतियों का बीज एक समान दर पर दिया जा रहा है। ------- बैंक खाते में आएगी अनुदान की धनराशि किसानों को बीज खरीदारी के समय पूरा पैसा जमा करना होगा। इसके बीच 50 फीसदी अनुदान किसानों के बैंक खाते में जमा किया जाएगा। इसके लिए किसान का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है। साथ ही विभाग में पंजीकरण भी होना चाहिए। डॉ. वीबी द्विवेदी, उपकृषि निदेशक

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