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कंप्यूटर सेंटर संचालक पर सीसीसी के फर्जी प्रमाण पत्र देने का आरोप

- प्रमाण पत्र के आधार पर पीड़ित युवक को मिली ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नौकरी - विभाग

By JagranEdited By: Published: Sun, 25 Jul 2021 08:05 PM (IST)Updated: Sun, 25 Jul 2021 08:05 PM (IST)
कंप्यूटर सेंटर संचालक पर सीसीसी के फर्जी प्रमाण पत्र देने का आरोप
कंप्यूटर सेंटर संचालक पर सीसीसी के फर्जी प्रमाण पत्र देने का आरोप

- प्रमाण पत्र के आधार पर पीड़ित युवक को मिली ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नौकरी

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- विभाग द्वारा मिले नोटिस के बाद फर्जी प्रमाण पत्र के बारे में मिली जानकारी

- कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक हापुड़ में ग्राम विकास अधिकारी पद पर है तैनात

जागरण संवाददाता, हापुड़

नगर के एक कंप्यूटर शिक्षा के सेंटर के संचालक ने एक युवक को सीसीसी कोर्स का फर्जी प्रमाण पत्र दे दिया। प्रमाण पत्र के आधार पर 2018 में पीड़ित को हापुड़ में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नौकरी भी मिल गई। लेकिन, अब विभाग द्वारा मिले नोटिस के बाद उसे पता चला कि प्रमाण पत्र फर्जी है। इसके संबंध में शिकायत करने पर संचालक व उसके साथी ने पीड़ित को हत्या की धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दो आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

मोहल्ला शक्ति नगर निवासी गजेंद्र ने बताया कि थाना देहात क्षेत्र के मोहल्ला भगवानपुरी निवासी नितिन गोयल से उसकी जान पहचान थी। वर्ष 2013 में पीड़ित ने नितिन से कंप्यूटर कोर्स सीसीसी करने की बात कही थी। उसने बताया कि नगर के रेलवे रोड पर उसका जैड नेट कंप्यूटर एजूकेशन सेंटर है। जो गोरखपुर के मान्यता प्राप्त नाईलेट सेंटर से अधिकृत है। एक अक्टूबर 2013 को अपना सीसीसी में प्रवेश हेतू उसके सेंटर पर आवेदन जमा किया था। सीसीसी परीक्षा प्रवेश पत्र में उसकी माता का नाम गलत दर्शाया गया। नितिन ने नाम ठीक कराने का आश्वासन दिया था। 30 दिसंबर 2013 को पीड़ित ने मेरठ में परीक्षा दी। जिसमें वह पास हो गया था।

नवंबर 2014 में नितिन ने पीड़ित को सीसीसी का उत्तीर्ण प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया था। जिसमें उसकी माता का ठीक दर्ज नहीं था। नितिन ने नाम ठीक कराने के नाम पर पीड़ित से मूल निवास प्रमाण पत्र, अन्य दस्तावेज व संशोधन फीस के नाम पर दो हजार रुपये लिए थे। दो माह बाद नितिन ने पीड़ित को नया प्रमाण पत्र दिया था जिसमें माता का सही नाम बाला देवी दर्ज था। वर्ष 2016 में पीड़ित ने ग्राम विकास विभाग उत्तर प्रदेश में ग्राम विकास अधिकारी पद के लिए आवेदन किया था। लिखित परीक्षा, फिजिकल व साक्षात्कार होने के बाद 11 अक्टूबर 2018 को पीड़ित को हापुड़ मे बीडीओ पद पर नियुक्ति मिली।

27 अक्टूबर 2020 को जिला ग्राम विकास विभाग द्वारा पीड़ित को एक नोटिस मिला। जिसमें उसके सीसीसी प्रमाण पत्र को फर्जी बताया गया था। पीड़ित ने गोरखपुर पहुंचकर नाईलेट सेंटर में अपना रिकार्ड चेक कराया। जिसमें पता चला कि सीसीसी प्रमाण पत्र में माता का नाम मिथलेश दर्ज है। पीड़ित ने नितिन से फर्जीवाड़े के संबंध में शिकायत की। इस पर नितिन व उसके साथी सुन्नवर ने पीड़ित को हत्या की धमकी देकर भगा दिया। पीड़ित ने इस संबंध में कोतवाली में तहरीर दी। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सोमवीर सिंह ने बताया कि नितिन व उसके साथी सुन्नवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।


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