हापुड़, जागरण संवाददाता। सिस्टम की अनदेखी का खामियाजा मंगलवार को एक परिवार को झेलना पड़ जाता है। शुक्र रहा कि कार का एयर बैग खुल गया और रजवाहा अधिक गहरा नहीं था। अन्यथा, बड़ा हादसा हो सकता था। दरअसल, मंगलवार को हापुड़ से दादरी की तरफ जा रही एक कार धौलाना-एनटीपीसी मार्ग स्थित रजवाहा में गिर गई। हादसे में कार सवारों को मामूली चोट आई है। हादसे का कारण रजवाहा पुलिया संकरी होने और रेलिंग का न होना माना गया है।

जिला गौतमबुद्धनगर के अंतर्गत दादरी के रहने वाले शहजाद मंगलवार दोपहर हापुड़ से बहन रुखसार, सना और भांजी मायरा को अपनी कार से दादरी लेकर लौट रहा था। जैसे ही उनकी कार धौलाना-एनटीपीसी मार्ग पर ग्राम दौलतपुर ढीकरी के रजवाहे के पास पहुंची। तभी एनटीपीसी की तरफ से आ रहे ट्रक से बचने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर रजवाहे गिर गई।

दुर्घटना के बाद ट्रक सहित चालक मौके से फरार हो गया। दिन का समय होने से सड़क से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत ही कार सवार चारों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। दुर्घटना में रुखसार और सना को मामूली चोट आई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन को बुलाया गया। लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला जा सका।

कार चालक शहजाद ने बताया कि रजवाहे में गिरते कार का एयरबैग खुल गया था और रजवाहा भी अधिक गहरा नहीं था। जिस कारण उनकी जान बचाई है।

थाना प्रभारी निरीक्षक सुमन कुमार सिंह का कहना है कि हादसे में कार सवारों को मामूली चोट आई है। कार को क्रेन के जरिए बाहर निकाल लिया गया है। कार चालक की तरफ से किसी तरह की तहरीर नहीं दी गई है।

संकरी पुलिया और रेलिंग न होना बना हादसे का सबब

बेशक, ट्रक से बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित हो गई। लेकिन, सिस्टम की अनदेखी भी कहीं न कहीं हादसे का कारण बनी है। धौलाना-एनटीपीसी मार्ग हापुड़ को प्रदेश के सबसे विकसित जिला गौतमबुद्धनगर से जोड़ता है। इस मार्ग की चौड़ाई सात मीटर है। दुर्घटनाग्रस्त स्थल पुलिया पर दोनों ओर रेलिंग लगी हुई नहीं है। पुलिया की चौड़ाई भी मात्र तीन मीटर ही है। अनेकों बार ग्रामीण अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है।

पुलिया से पहले घुमावदार मोड़

पुलिया से पहले एक घुमावदार मोड़ भी है। इसके चलते नए वाहन चालक पुलिया के सकरेपन का अंदाजा नहीं लगा पाता और आए दिन यहां पर दुर्घटना होती रहती हैं। इस मार्ग का इस्तेमाल एनटीपीसी में कार्य करने वाले हजारों कामगार अपने कार्यस्थल पर जाने के लिए करते हैं। 15 किलोमीटर लंबा यह मार्ग निधावली, ऊंचा अमीरपुर, रसूलपुर डासना , प्यावली , नगला, चौना, दादरी , बिसाहड़ा, ततारपुर, सिदीपुर, एनटीपीसी आदि स्थानों की लगभग एक लाख की आबादी को जोड़ता है।

झाड़ियों के कारण नहीं दिखता रजवाहा

दुर्घटनाग्रस्त स्थल के रजवाहा पुलिया से दोनों तरफ सड़क के किनारे झाड़ियां है। घुमावदार मोड़ होने के बाद भी किसी तरह का संकेतक नहीं लगा हुआ है। ऐसे में कई बार सामने से आ रहे वाहन से बचने के लिए चालक कार को सड़क से नीचे झाड़ियों की तरफ उतार लेते हैंं। इस दौरान रजवाहा का अंदाजा नहीं हो पाता है और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है। अक्सर रात के समय यह स्थल अंधे मार्ग के रूप में तब्दील होता है।

चार लोगों की मौत के बाद नहीं ली गई सुध

18 जनवरी की रात गांव कमरुद्दीन नगर के अवैध तालाब में कार गिर गई थी। उसमें सवार चार लोगों की मौत हो गई थी। बावजूद इसके प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र में मौत का सबब बन रहे तालाब, रजवाहों की सुध नहीं ली है। यदि प्रशासन सुध लेता है तो शायद मंगलवार को क्षेत्र के रजवाहे में कार गिरने की घटना न होती।

क्या कहते हैं एसडीएम?

उपजिलाधिकारी दिग्विजय सिंह ने बताया कि पुलिया के दोनों तरफ रेलिंग और मार्ग पर संकेतक नहीं होने का मामला हादसे के बाद संज्ञान में आया है। इस बावत पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाएगा। जिससे इस तरह के हादसे की पुनरावृत्ति न हो।

Edited By: Geetarjun

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