जागरण संवाददाता, हमीरपुर : बारिश के बाद बेतवा और यमुना नदी के जलस्तर के साथ ही ग्रामीणों की चिंता की लकीरें बढ़ती ही जा रही हैं। पत्योरा से टिकरौली मार्ग पानी में डूब गया है। इधर से निकलने के लिए नाव का सहारा लिया जा रहा है। सड़क पर चलने वाली साइकिल और बाइकें अब नावों पर जाती हुई दिखाई दे रहीं हैं। नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों को प्रशासन ने सतर्क कर दिया है।

माताटीला बांध से छोड़े गए पानी के बाद से बेतवा नदी का जलस्तर 100.24 मीटर तक पहुंच गया है। वहीं, यमुना का जलस्तर 101.28 तक पहुंच गया है, यह खतरे के निशान से केवल तीन मीटर ही शेष है। बेतवा में बढ़ रहे पानी का यमुना नदी में काफी असर दिख रहा है, क्योंकि मुख्यालय में इन दोनों नदियों का संगम होता है। बाढ़ के आसार को देखते हुए सोमवार की सुबह डीएम आरपी पांडेय समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने कई स्थानों का भ्रमण करते हुए ग्रामीणों को अलर्ट किया है। कुछेछा, कलौलीतीर, सूरजपुर, टिकरौली आदि क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों का दौरा चल रहा है।

पत्योरा से टिकरौली मार्ग बंद

बेतवा में अधिक पानी आने से मंगलवार को टिकरौली मार्ग बंद हो गया है। इस कारण करीब 100 गांव प्रभावित हुए हैं। वहीं, 20 गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। ग्रामीणों को मुख्यालय तक आने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। विद्यालय बंद हो चुके हैं। सबसे अधिक समस्या मरीजों को उठानी पड़ रही है। जैसे-तैसे परिजन उन्हें जिला अस्पताल लाकर दिखा रहे हैं।

बाढ़ चौकियों को किया गया सतर्क

बेतवा का जलस्तर बढ़ने के कारण यमुना भी तेजी से बढ़ रही हैं। हालांकि अभी यह खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे हैं। बाढ़ की संभावना को देखते हुए बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। प्रभावित गांव में नाव लगा दी गई है। किसी को कोई समस्या नहीं होगी।

- आरपी पांडेय, जिलाधिकारी

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