यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा: हमीरपुर के राठ पहुंचे इंजीनियर मयंक और सरोज के शव, मची चीख-पुकार
नोएडा बस हादसे में राठ के मयंक गुप्ता और सरोज गुप्ता के शव घर पहुंचने पर स्वजनों और मोहल्लेवासियों में ...और पढ़ें

मयंक और सरोज के शव घर पहुंचते ही मची चीख-पुकार।
HighLights
नोएडा बस हादसे में राठ के मयंक और सरोज की मौत।
शव घर पहुंचने पर स्वजनों और मोहल्लेवासियों में चीख-पुकार।
औड़ेरा रोड मोक्षधाम में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। नोएडा में राज कल्पना ट्रैवल्स की डबल डेकर बस में आग लगने की घटना में राठ क्षेत्र के दो यात्रियों की मौत हो गई थी।
शुक्रवार सुबह मयंक गुप्ता और सरोज के शव घर पहुंचे तो स्वजन और मोहल्लेवासियों में चीख पुकार मच गई। शव देखते ही स्वजन बिलख पड़े। दोनों शवों का शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे औड़ेरा रोड स्थित मोक्षधाम में अंतिम संस्कार किया गया।
राठ के बजरिया मुगलपुरा निवासी मयंक गुप्ता दिल्ली की एक निजी कंपनी में इंजीनियर थे और घर से ही कंपनी का काम करते थे। कंपनी की ओर से उन्हें करीब 15 दिन में एक बार दिल्ली बुलाया जाता था। मयंक बुधवार रात दिल्ली से राठ लौटने के लिए राज कल्पना ट्रैवल्स की डबल डेकर बस में सवार हुए थे।
इसी दौरान नोएडा में बस में आग लग गई। हादसे के बाद स्वजन उनकी तलाश में जुटे थे। मयंक के भाई रोहित गुप्ता कस्बे में कंप्यूटर की दुकान संचालित करते हैं। वहीं जलालपुर थाना क्षेत्र के ममना गांव निवासी 50 वर्षीय सरोज गुप्ता कुछ दिन पहले अपने पुत्रों सत्यम और शिवम से मिलने दिल्ली गई थीं।

दोनों पुत्र दिल्ली में निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। बुधवार रात वह अपने रिश्तेदार भतीजे मयंक गुप्ता के साथ बस से राठ लौट रही थीं। बस हादसे के बाद सरोज भी लापता हो गई थीं। गुरुवार को स्वजन उनकी तलाश में जुटे रहे।
शुक्रवार सुबह दोनों के शव राठ पहुंचे तो स्वजन का धैर्य जवाब दे गया। शव देखते ही स्वजन की चीखें निकल पड़ीं। आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। अंतिम दर्शन के बाद दोनों शवों को औड़ेरा रोड स्थित मोक्षधाम ले जाया गया, जहां सुबह करीब नौ बजे अंतिम संस्कार किया गया।
बस में आग लगने पर खिड़की से कूदकर बचाई जान
सिकंदरपुरा मोहल्ला निवासी अनिल गुप्ता औड़ेरा रोड पर बुक डिपो की दुकान करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो पुत्र उत्कर्ष गुप्ता और ध्रुव गुप्ता दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। बुधवार को उनका पुत्र उत्कर्ष राज कल्पना स्लीपर बस से दिल्ली से राठ लौट रहा था।

नोएडा के पास बस में आग लग गई। आग लगने के बाद यात्रियों में हलचल मच गई। बताया कि उत्कर्ष ने अपनी जान बचाने के लिए बस की खिड़की से छलांग लगा दी। इससे वह बस की आग की चपेट में आने से बच गया, लेकिन कमर में चोट आ गई। घटना की जानकारी मिलने पर स्वजन ने राहत की सांस ली।
