जागरण संवाददाता, हमीरपुर : जिला महिला अस्पताल के मुख्य गेट में स्ट्रेचर व व्हील चेयर की व्यवस्था न होने के कारण गर्भवतियों को आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। चलने में असमर्थ महिलाओं के लिए कभी पति की गोद सहारा बनती है तो कभी साथ आई हुई महिलाओं के कंधे। सोमवार को भी गर्भवती को उसका पति उसे गेट से गोद में लेकर अस्पताल के अंदर गया।

जिला महिला अस्पताल के मुख्य गेट से ओपीडी तक जाने वाली गर्भवती महिलाओं को स्ट्रेचर व व्हील चेयर न मिलने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्भवती महिलाएं गेट तक तो ई-रिक्शे या अपने निजी वाहन से आ जाती हैं। लेकिन मुख्य गेट में जंजीर पड़ी होने के कारण उनके वाहन अंदर नहीं आ पाते हैं। ऐसे में उन महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है जो चलने में असमर्थ होती हैं। सोमवार को भी एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला। जिसमें चलने में असमर्थ महिला को उसका पति गोद में ओपीडी तक ले जाता नजर आया। इस संबंध में सीएमएस डा. फौजिया अंजुम का कहना है कि गेट पर स्ट्रेचर व व्हील चेयर की व्यवस्था है। लोग जल्दबाजी में अपने मरीज को गोद या कंधों के सहारे अस्पताल तक ले जाते हैं। वहीं यदि गेट पूरा खोल दिया जाता है तो लोग अपने वाहन लेकर अस्पताल परिसर में आ जाते हैं जिससे मरीजों को अंदर लाने में परेशानी होती है।

जिला अस्पताल में हुआ फाल्ट, पैथोलाजी व एक्स-रे ठप : जिला अस्पताल में सोमवार को अचानक हुए बिजली फाल्ट के कारण अस्पताल में होने वाली जांचें व एक्स-रे का कार्य ठप रहा। वहीं सीएमएस के द्वारा इलेक्ट्रीशियन को बुलाकर फाल्ट सही कराने का काम शुरू करा दिया गया था। इस फाल्ट से इमरजेंसी समेत अन्य कई स्थानों में अंधेरा छाया रहा।

सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल में अचानक बिजली के मुख्य स्विच बाक्स में तेज धमाके के साथ फाल्ट हो गया। जिससे अस्पताल की बिजली ठप हो गई और अंधेरा छा गया। अचानक बिजली जाने से अस्पताल में होने वाली जांचें व एक्सरे कार्य भी ठप हो गया। इस फाल्ट से मरीजों की जांचें नहीं हो सकी। जिसके कारण उन्हें बिना जांच रिपोर्ट के ही वापस लौटना पड़ा। वहीं फाल्ट की जानकारी होने पर सीएमएस के द्वारा तत्काल इलेक्ट्रीशियन को बुलाकर फाल्ट सुधारने का काम शुरू कराया गया। प्रभारी सीएमएस डा.आरएस प्रजापति ने बताया कि फाल्ट सुधराया जा रहा है। जल्द ही आपूर्ति बहाल हो जाएगी।

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