जागरण संवाददाता, हमीरपुर : सदर कोतवाली क्षेत्र के पुराना बेतवा घाट मोहल्ला निवासी मासूम 13 जून को रोडवेज बस के नीचे आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसे जिला अस्पताल से कानपुर रेफर कर दिया गया था। शुक्रवार की देर रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को जब शव घर आया तो स्वजन ने मुआवजे तथा रोडवेज चालक के खिलाफ एफआइआर की मांग को लेकर मुख्यालय के नगर पालिका के सामने ठेले में शव रखकर जाम लगा दिया। जाम में शामिल बच्चे हाथों में डंडा, ईंट व पत्थर लिए नजर आए। एफआइआर की कापी मिलने व मुआवजे का आश्वासन मिलने के बाद लोगों ने जाम खोला।

मुख्यालय के पुराना बेतवा घाट मोहल्ला निवासी मलखे निषाद का 15 वर्षीय पुत्र राज पानी बेचकर पिता का हाथ बंटाता था। 13 जून को मुख्यालय के रोडवेज बस स्टैंड के पास बस में चढ़ते समय वह फिसल गया और बस का पहिया उसके ऊपर चढ़ गया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। छह दिन तक चले इलाज के बाद शुक्रवार की रात उसने कानपुर में इलाज दौरान दम तोड़ दिया। शनिवार को जब शव घर आया तो स्वजन कोतवाली पहुंचे और एफआइआर व मुआवजे की मांग करने लगे। बात न बनती देख आक्रोशित स्वजन ने किशोर के शव को ठिलिया में रखकर बस स्टैंड जाम लगाने ले जाने लगे। तभी पुलिस ने उन्हें एसपी कार्यालय के सामने रोकना चाहा। लेकिन वह नहीं माने और नगर पालिका के सामने जाम लगा दिया। जाम स्थल पहुंचे सीओ सदर अनुराग सिंह व कोतवाल मनोज शुक्ला ने स्वजन को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्वजन ने किसी की नहीं सुनी। कुछ देर बाद शव जमीन पर रखकर प्रदर्शन होने लगा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे लेखपाल दयाराम ने मृतक के पिता से घटना की जानकारी ली। जब स्वजन को एफआइआर की कापी व मुआवजे का आश्वासन मिलने के बाद जाम खोला। यह जाम करीब डेढ़ घंटे तक लगा रहा। जाम के बीच निकलने वाले लोगों के साथ भी धक्कामुक्की हुई।

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