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हमीरपुर में किशोरी का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला, चार दोषियों को उम्रकैद

Published: Fri, 17 Jul 2026 10:38 PM (GMT+05:30)

हमीरपुर में किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने चार दोषियों को आजीवन कारावास ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हमीरपुर में किशोरी के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का मामला।

  2. विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने चार दोषियों को उम्रकैद सुनाई।

  3. दोषियों पर आजीवन कारावास के साथ-साथ भारी अर्थदंड भी लगाया।

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। किशोरी का अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनिल कुमार खरवार ने घटना में शामिल चारों आरोपितों के खिलाफ दोषसिद्ध होनों पर सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए तीन दोषियों पर 16-16 हजार व एक दोषी पर 14 हजार का अर्थदंड लगाया है।

विशेष लोक अभियोजक पास्को एक्ट रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सिसोलर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी वादी ने थाना में दी तहरीर में बताया कि वह 28 अप्रैल 2016 की दोपहर खेत में कटाई कर रहा था। दोपहर में उसकी 16 वर्षीय पुत्री उसके लिए खाना लेकर खेत आ रही थी। तभी रास्ते में गांव निवासी छोटू उर्फ सूरजभान व रोहित सिंह पुत्र राजामान सिंह बाइक से आकर उसकी पुत्री को बैठने के लिए कहने लगे।

वादी की पुत्री के मना करने पर रोहित व छोटू उसे जबरदस्ती बाइक में बैठा लिया। पीड़िता के शोर मचाने पर उक्त लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। उसके बाद छोटू व रोहित उसे सुमेरपुर में सत्येंद्र के घर ले गए। जहां छोटू, रोहित व सत्येंद्र ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उसके बाद वादी की पुत्री को ट्रेन से सूरत में लए गए जहां उन्होंने गांव निवासी लखना के घर में उसे रखा। सभी लोग सूरत में भी उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करते रहे।

कुछ दिन बाद छोटू व रोहित गांव आ गए। लेकिन लखना व सत्येंद्र सूरत में काम करते रहे। तभी एक दिन गांव निवासी दिवाना पुत्र बरदानी वादी की पुत्री को मिला। जहां पीड़िता ने उससे भाई को फोन कर घर जाने की बात कही। तब दिवाना उसे अपने घर ले जाकर दुष्कर्म करने लगा। चार-पांच दिन के बाद दिवाना ने वादी के पुत्र को फोन पर पीड़िता की सूचना दी। जिस पर वादी के पुत्र ने उसे गांव लाने की बात कही थी।

दिवाना के साथ गांव आते समय पीड़िता को हमीरपुर बस स्टैंड में महिला पुलिस ने पकड़ लिया। लेकिन दिवाना मौके से भाग गया था। वादी ने बताया कि 22 जनवरी 2017 को पीड़िता की शादी थी। घटना के सात-आठ वर्ष पूर्व वादी की पत्नी की मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई पूरी होने पर विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनिल कुमार खरवार ने आरोपित छोटू उर्फ सूरजभान, रोहित सिंह, दिवाना व लखना को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

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