हमीरपुर का एक ऐसा गांव जहां आजादी के बाद भी नसीब नहीं हुई सड़क, आक्रोशित बच्चे व ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट में फूटा गुस्सा
हमीरपुर में ब्रह्मा डेरा गांव को जाने वाली सड़क खराब होने से परेशान बच्चों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। बच्चों ...और पढ़ें

डीएम कार्यालय में घुसने का प्रयास करते बच्चे। वीडियो ग्रैब
HighLights
करीब चार घंटे तक कलेक्ट्रेट में होगा रहा हंगामा, दो थानो की पुलिस समेत तैनात रही पीएसी
करीब पांच किमी.लंबी पैदल तिरंगा यात्रा निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे चंदूपुर गांव के लोग
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। आजादी के बाद से पक्की सड़क न मिलने से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा और करीब पांच किमी.पैदल तिरंगा यात्रा निकालते हुए चंदूपुर गांव समेत आसपास डेरों के ग्रामीण अपने बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर उन्होंने बदहाल सड़क को दुरुस्त कराने की लेकर जिलाधिकारी अभिषेक गोयल से मिलने की मांग की लगे। डीएम से न मिलने पर ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया।
कलेक्ट्रेट के गोल चबूतरे से दौड़े हुए हाथ में तिरंगा लेकर बच्चों संग ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय में भी घुसने का प्रयास किया। जिस पर पुलिस बल ने गेट बंद कर दिया। इस हंगामे को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात रही। जिसके बाद लोगों ने डीएम कार्यालय के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब चार घंटे तक चला यह प्रदर्शन दोपहर तीन बजे खत्म हुआ। इस दौरान कोतवाली, ललपुरा थाने की पुलिस समेत पीएसी तैनात रही।

कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी करते छात्र छात्राएं व ग्रामीण। जागरण
डेढ़ किमी तक दलदल
विकासखंड कुरारा के चंदूपुर गांव के बच्ची के डेरा से लेकर हमीरपुर तक की करीब डेढ़ किमी. की कच्ची सड़क हर वर्ष बरसात में दलदल हो जाती है। जिसके कारण करीब 1600 की आबादी को निकलने चलने में दिक्कत होती है। हालात यह हो जाते हैं कि बच्चे कीचड़ वाला रास्ता होने के कारण पढ़ाई को स्कूल नहीं जा पाते हैं और बीमार और गर्भवती महिलाओं को लेने के लिए एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है।

कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी करते छात्र छात्राएं व ग्रामीण। जागरण
पांच किमी पैदल तिरंगा यात्रा कर पहुंचे कलेक्ट्रेट
इस समस्या से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को गांव से लेकर कलेक्ट्रेट तक करीब पांच किलोमीटर तक पैदल तिरंगा यात्रा निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे को देखते हुए कलेक्ट्रेट को छावनी में तब्दील कर दिया गया। कभी लोग गोल चबूतरे में प्रदर्शन करते नजर आए तो कभी आक्रोशित छात्र छात्राएं अपने अभिभावकों संग डीएम कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते दिखे।
डीएम के न मिलने पर धरना
डीएम के न मिलने से नाराज अभिभावकों व बच्चों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान बच्चे नारेबाजी करते हुए हाथ में तिरंगा लहराते नजर आए और अपनी मांगों को पूरा करने की आवाज बुलंद की। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति का भी नाम पुकारते हुए सड़क बनाए जाने की मांग की है। सुबह करीब 11 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट में चलता रहा।
मुख्य गेट में धरने से नहीं निकल सकीं अधिकारियों की गाड़ियां
मुख्य गेट में धरना प्रदर्शन होने के कारण अधिकारियों की गाड़ियां नहीं निकल सकीं। जिसके चलते कलेक्ट्रेट के दूसरी तरफ के गेट खोले गए और अधिकारियों के वाहनों को निकाला गया। जब कलेक्ट्रेट से सभी लोग चले गए तो प्रदर्शनकारी भी शांत हो गए और वह भी बच्चों के साथ वापस लौट गए। इस दौरान एडीएम राकेश कुमार, एसडीएम अभिषेक कुमार, सीओ यशपाल सिंह प्रदर्शनकारियों को समझाते रहे। लेकिन किसी ने भी अधिकारियों की नहीं सुनी। फिलहाल इस प्रदर्शन के बाद सड़क पर डस्ट बिछाने का काम शुरू करा दिया गया है। ताकि समस्या न हो।
कलेक्ट्रेट में जिस तरह से अभिभावकों ने बच्चों को आगे कर प्रदर्शन किया है वह अनुचित है। लगातार गांव की सड़क को बनाने के लिए काम चल रहा है। पूर्व में गांव के लोगों के साथ बैठक की जा चुकी है। ग्रामीण मुझसे भी पहले मिल चुके हैं और समस्या बता चुके हैं। जबरियन राजनीतिक तूल देकर यह प्रदर्शन किया गया है। लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजना में यह मार्ग शामिल हैं। कीचड़ को देखते हुए वहां पर डस्ट डलवाई जा रही है। ताकि लोगों को समस्या न हो।
- अभिषेक गोयल, डीएम हमीरपुर।
करीब डेढ़ किमी. का मार्ग है। जिसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। जिसकी लागत करीब 181.6 करोड़ रुपये हैं। जैसे ही शासन से बजट आता है, सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा। फिलहाल सड़क में डस्ट डलवाकर कीचड़ को खत्म किया जा रहा है। ताकि समस्या न हो।
- इं.अरुण कुमार, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग।
इस मार्ग के निर्माण को लेकर वन विभाग की जमीन होने के कारण समस्या आई थी। जिसका समाधान कराते हुए सड़क निर्माण कराए जाने के प्रयास चल रहे हैं। मैने स्वयं चंदूपुर और आसपास के डेरों में जाकर भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया था। जल्द ही समस्या का समाधान होगा।
- डा.मनोज प्रजापति, सदर विधायक, हमीरपुर।
