हमीरपुर में 7 से 9 सीटर निजी वाहनों की फिटनेस की झंझट खत्म, पोर्टल अपडेट के बाद मिलेगी सहूलियत
हमीरपुर में निजी 7-9 सीटर वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली है, अब उन्हें 8 साल बाद हर साल फिटनेस ...और पढ़ें

HighLights
निजी 7-9 सीटर वाहनों को वार्षिक फिटनेस से मिली छूट।
8 साल बाद हर साल फिटनेस जांच की अनिवार्यता समाप्त।
वाहन 15 वर्ष तक चलेंगे, फिर सीधे 5 साल पंजीकरण।
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। जिले के निजी वाहन मालिकों के लिए राहत की खबर है। अब सात से नौ सीटर निजी वाहनों को आठ वर्ष की आयु पूरी होने के बाद हर वर्ष में अनिवार्य फिटनेस कराने की प्रक्रिया से राहत मिल गई है।
इससे वाहन मालिकों को बार-बार एआरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने और फिटनेस शुल्क आदि खर्च से निजात मिलेगी। विभागीय पोर्टल अपडेट होने के बाद वाहन स्वामियों को इसका लाभ मिलेगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवीण सिंह ने बताया कि नए नियमों के तहत सात से नौ सीटर निजी वाहनों के लिए आठ साल की आयु के बाद हर एक वर्ष में फिटनेस जांच कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है।
ऐसे वाहन 15 वर्ष की निर्धारित अवधि तक फिटनेस के लिए अलग से प्रक्रिया में नहीं जाएंगे। वाहन के 15 वर्ष पूरे होने के बाद उसका सीधे पांच वर्ष के लिए पुनः पंजीकरण (री-रजिस्ट्रेशन) कराया जा सकेगा। इससे निजी कार वाहनों के मालिकों को समय और अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।
हालांकि यह व्यवस्था केवल निजी उपयोग में आने वाले वाहनों पर लागू होगी। व्यवसायिक (कमर्शियल) वाहनों पर फिटनेस संबंधी पुराने नियम लागू रहेंगे और उन्हें निर्धारित समय पर फिटनेस कराना अनिवार्य होगा। निजी वाहन मालिक नए प्रावधान के तहत अपने वाहन के पंजीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कराकर निर्धारित अवधि तक वाहन का संचालन कर सकेंगे।
