संवाद सहयोगी, भरुआ सुमेरपुर : एक सप्ताह बाद सहकारी समितियों में मंगलवार को आई यूरिया खाद ऊंट के मुंह में जीरे के समान साबित हुई। खाद आते ही किसान भीषण ठंड में खाद पाने के लिए सुबह से ही समितियों में टूट पड़ा और दोपहर तक समितियों में खाद खत्म हो गई। तमाम किसान मायूस होकर लौट गए।

एक सप्ताह से सहकारी समितियों में यूरिया खाद की कमीं थी। मंगलवार को सहकारी समिति इंगोहटा, क्रय विक्रय, सहकारी समिति सुमेरपुर, किसान सेवा केंद्र सुमेरपुर में एक-एक ट्रक यूरिया खाद उपलब्ध कराई गई। खाद आते ही समितियों में सुबह से ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर तक आई खाद समितियों मुंडेरा, पचखुरा बुजुर्ग पौथिया, छानी में खाद नहीं आ सकी है। इससे किसान परेशान हैं। पीसीएफ के अधिकारियों ने बताया कि रैक लग चुकी है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगले दो दिन में सभी समितियों में पर्याप्त खाद मुहैया करा दी जाएगी। बारिश होने के बाद किसानों को रबी की सफलों में छिड़काव के लिए यूरिया खाद की जरूरत है। लेकिन सहकारी समितियों में खाद का अभाव है। इस वजह से किसान बाजार से मंहगे दामों से खाद खरीदने को मजबूर हो रहा है।

Posted By: Jagran

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