गोरखपुर, जागरण संवाददाता। Khalilabad-Bahraich Rail Line Work Started: संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जनपद को जोड़ने वाली नई रेल लाइन खलीलाबाद-बहराइच के बीच छोटे-बड़े 16 स्टेशन और 12 हाल्ट होंगे। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने नई रेल लाइन का नक्शा तैयार कर लिया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। संतकबीर नगर के 29 गांवों की 75.138 हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर ली गई है। रेलवे प्रशासन की पहल पर जिला प्रशासन ने अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी है। सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन ने भी भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। प्रथम चरण में खेसरहा, बांसी, डुमरियागंज, उतरौला में भूमि का अधिग्रहण होना है। बांसी तहसील में कुल 93 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।

पांच जिलों को जोड़ेगी नई रेल लाइन, प्रस्तावित है 4940 करोड़ का बजट, हो चुका है शिलान्यास

खलीलाबाद से शुरू होकर मेंहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और बहराइच तक 240 किमी लंबी रेललाइन को पूरा करने के लिए वर्ष 2025 तक का लक्ष्य निर्धारित है। केंद्र सरकार की कैबिनेट ने अक्टूबर 2018 में उत्तर प्रदेश के पिछड़े क्षेत्र में विकास का रास्ता तैयार करने के लिए नई रेल लाइन की मंजूरी दी थी। कैबिनेट ने 4940 करोड़ रुपये का बजट भी प्रस्तावित कर दिया है। तत्कालीन रेलमंत्री पीयूष गोयल ने दो मार्च 2019 को खलीलाबाद में नई रेल लाइन का शिलान्यास किया था। वर्तमान बजट में सरकार ने कार्य में तेजी लाने के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किया है। रेल मंत्रालय ने विद्युतीकरण को भी हरी झंडी दे दी है। नई रेल लाइन से रोजगार सृजन के साथ पर्यटन और तीर्थाटन को भी बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र का विकास होगा।

एक नजर में नई रेल लाइन

लंबाई - 240 किमी

लागत- 4940 करोड़

क्रासिंग स्टेशन- 16

हाल्ट स्टेशन - 12

बड़े पुल - 32

छोटे पुल - 86

चिन्हित किए संतकबीनगर जनपद के यह गांव

गौरा, भूअर, चिट्ठापार, सरैया, अतरी, कड़सरी, खुरजहना, चकमदारुल्लाह, चौकी, जीनखाल, तरकुलवा, देवकली, नाऊडाड़, नाजिर जोत, बड़हरा, बारीगांव, बरहटा, भिरवा, मखदूमपुर, मदरहा, लोरिक बारी, समदा, हरपट्टी, सई बुजुर्ग, देवापार, परसोहिया, बढ़याबाबू, भगवानपुर और चानीडीहा।

खलीलाबाद से बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि का प्लान तैयार किया जा रहा है। चिन्हित भूमि के सत्यापन के लिए संबंधित जिला प्रशासन को दिया जा रहा है। - पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी - पूर्वोत्तर रेलवे।

Edited By: Pradeep Srivastava