गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर की सभी नदियों का जलस्तर लगातर घटने प्रशासन ने राहत की सांस ली है। सरयू नदी शनिवार को खतरे के निशान से नीचे बह रही थी जबकि राप्ती नदी का जलस्तर घटने के बावजूद खतरे के निशान से ऊपर है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

शनिवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर नीचे रहा। राप्ती नदी का जलस्तर पिछले कुछ दिनों से लगातार घट रहा है। शनिवार को नदी खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। कुआनो नदी खतरे के निशान से करीब 62 सेंटीमीटर नीचे रही। रोहिन नदी खतरे के निशान से एक मीटर 41 सेंटीमीटर नीचे आ चुकी है। माना जा रहा है कि कुछ दिन यही स्थिति रही तो राप्ती नदी का जलस्तर भी खतरे के बिंदू से नीचे आ जाएगा।

गांवों में बनी है समस्‍या

जलस्तर भले ही घट रहा हो लेकिन जिन गांवों में पानी घुसा है, वहां समस्याएं बनी हुई हैं। गांव में पानी घुसने के कारण लोगों को बाहर शरण लेनी पड़ी है। प्रशासन की ओर से राहत सामग्री का वितरण लगातार किया जा रहा है। 86 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। 114 गांव प्रभावित हैं, जिनमें से 45 मैरुण्ड हैं। जिले में छोटी-बड़ी 359 नाव उपलब्ध हैं, जिनमें से 279 नावें लोगों के आवागमन के लिए लगाई गई हैं। तहसीलों की ओर से मांग किये जाने के बाद अयोध्या जनपद से 30 बड़ी नावें मंगाई गई हैं। इनमें से सदर एवं सहजनवा तहसील में 10-10 नाव, खजनी में छह एवं बांसगांव में चार नाव लगाई गई है। शनिवार को भी उपजिलाधिकारियों ने अपने क्षेत्रों में दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित गांवों में पेयजल की आपूर्ति, हैंडपंप के विसंक्रमण सहित सभी जरूरी सामान की उपलब्धता के निर्देश दिए हैं।

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