गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के गगहा में 62वें साल आयोजित होने वाली बाबा शक्ति सिंह मेमोरियल आल इंडिया पुरुष एवं महिला वॉलीबाल प्रतियोगिता की तैयारियां पूरी हो गई हैं। गुरुवार से देश की दिग्गज टीमों के बीच महामुकाबला शुरू होगा। 12 टीमें गगहा पहुंच गई हैं। प्रतियोगिता का गवाह बनने के लिए देश के विभिन्न कोनों के अलावा विदेश में रहने वाले ग्रामीण भी यहां आए हैं। प्रतिभाग कर रही टीमों में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं।

डे-नाइट आधार पर खेले जाएंगे मैच

गगहा के जूनियर हाईस्कूल में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता के मैच डे-नाइट आधार पर खेले जाएंगे। आयोजन सचिव सुधीर सिंह ने बताया कि प्रदेश के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। महिला एवं पुरुष वर्गों में विजेता टीमों को एक-एक लाख रुपये तथा उपविजेता टीमों को 51-51 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को भी व्यक्तिगत रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। प्रतियोगिता में भारतीय टीम के कप्तान विनीत कुमार, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मंदीप सिंह, रंजीत सिंह, गुरमिंदर सिंह आदि शामिल हो रहे हैं।

ये टीमें करेंगी प्रतिभाग

प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग में ओएनजीसी (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड), देहरादून, भारतीय रेलवे, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल दिल्ली, पंजाब पुलिस, पूर्व रेलवे कोलकाता, एनएफ (पूर्वोत्तर सीमांत) रेलवे गुवाहाटी, इंडियन एयरफोर्स, आइओबी (इंडियन ओवरसीज बैंक) मद्रास, सेंट्रल रेलवे मुंबई, भारतीय सेना, दक्षिण पूर्व रेलवे कोलकाता, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर, गुजरात राज्य, वीर बहादुर सिंह स्पोट्र्स कॉलेज गोरखपुर, साई (स्पोट्र्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) हास्टल रायबरेली की टीमें तथा महिला वर्ग में भारतीय रेलवे, मध्य रेलवे मुंबई, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल दिल्ली, सशस्त्र सीमा बल लखनऊ, काठमांडू, साई हास्टल, वीर बहादुर सिंह स्पोट्र्स कॉलेज, आजमगढ़ व पूर्व रेलवे कोलकाता की टीमें प्रतिभाग करेंगी।

गगहा के लोगों का है भावनात्मक जुड़ाव

62 सालों से आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता से गगहा के लोगों का भावनात्मक जुड़ाव है। इस गांव के जो लोग विदेश या फिर देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं, आयोजन के दौरान यहां आना नहीं भूलते। थाईलैंड में रहने वाले गांव के बैरिस्टर सिंह, करम सिंह, सुमेथ बहादुर सिंह गांव पहुंच चुके हैं। बैरिस्टर सिंह के अनुसार वह कई वर्षों से इस आयोजन से जुड़े हैं। इस प्रतियोगिता के कारण गगहा का काफी विकास हुआ है। वॉलीबाल के क्षेत्र में यहां के युवाओं ने काफी नाम कमाया है।

ऐसे शुरू हुई प्रतियोगिता

प्रतियोगिता के मीडिया प्रभारी अशोक कुमार गुप्ता के अनुसार बाबा शक्ति सिंह राजस्थान से यहां आए थे। उस समय कुछ लुटेरों से आसपास के लोग परेशान थे। बाबा ने यहां के लोगों को एकजुट कर लुटेरों को भगाया था, उसके बाद यहीं बस गए। गगहा के विकास में उनके योगदान को देखते हुए उनके नाम पर यह आयोजन शुरू किया गया। स्थानीय स्तर पर शुरू हुई प्रतियोगिता, जिला, फिर राज्य व करीब 20 सालों से ऑल इंडिया स्तर पर हो रही है।

Posted By: Pradeep Srivastava

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