वैशाली एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्री पर GRP को हुआ शक, बैग खोलकर देखा उड़ गए होश, निकली नोटों की गडि्डयांं
वैशाली एक्सप्रेस के जनरल कोच में यात्रा कर रहे एक युवक को देवरिया में जीआरपी ने 30 लाख 23 हजार 200 रुपये की नकदी के साथ पकड़ा।

HighLights
वैशाली एक्सप्रेस में 30 लाख रुपये की नकदी जब्त।
जीआरपी ने देवरिया में युवक को हिरासत में लिया।
आयकर विभाग अब मामले की गहन जांच कर रहा है।
जागरण संवाददाता, देवरिया/गोरखपुर। वैशाली एक्सप्रेस के जनरल कोच में 30 लाख 23 हजार 200 रुपये लेकर गोरखपुर जा रहा युवक शनिवार देर शाम जीआरपी ने चेकिंग में पकड़ा। इतनी बड़ी रकम के संबंध में वह कोई वैध कागज नहीं दिखा सका और पूछताछ में भी रुपये के स्रोत के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया।
यह है पूरा मामला
जांच में सामने आया कि आरोपित गोरखपुर के कूड़ाघाट में किराये के मकान में रहता था और सिवान में रहने वाले अपने चचेरे भाई गोविंद के कहने पर रुपये गोरखपुर में किसी व्यक्ति को देने जा रहा था। उसके पास से मिले मोबाइल नंबर के आधार पर अब रकम लेने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है।
चेकिंग में जीआरपी को हुआ संदेह
राजस्थान के चुरू जिले के राजन बेसर थाना क्षेत्र के बीना देशर गांव निवासी मुकेश शर्मा शनिवार को सिवान से वैशाली एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार हुआ था।
गोरखपुर की ओर आ रही ट्रेन में देवरिया स्टेशन से पहले चेकिंग के दौरान जीआरपी को उसके बैग पर संदेह हुआ। तलाशी लेने पर बैग से नोटों की गड्डियां मिलीं। गिनती करने पर कुल 30,23,200 रुपये बरामद हुए।
जीआरपी थाना प्रभारी राजेश पांडेय के पूछने पर उसने बताया कि सिवान में रहने वाले चचेरे भाई गोविंद के कहने पर रुपये लेकर जा रहा था। इसके बदले उसे कमीशन मिलता है। शनिवार को भी उसे गोरखपुर में किसी व्यक्ति को रकम सौंपनी थी।
मोबाइल नंबर से निकाल रहे कनेक्शन
जीआरपी के साथ आयकर विभाग की अीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह गोरखपुर में किसके संपर्क में था और रकम उसे किस व्यापारी से मिली थी। गोरखपुर में जिसे रुपये देने थे, उसका मोबाइल नंबर मिला है। नंबर के आधार पर उसकी पहचान और भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
जीआरपी ने शुक्रवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर 18 लाख रुपये के साथ पकड़े गए पूर्वी चंपारण के रहने वाले संजय कुमार के मामले की कड़ी भी इससे जोड़कर देख रही है। जीआरपी को संदेह है कि कहीं दोनों बरामदगी एक ही नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं हैं।
आयकर विभाग को सौंपे गए रुपये
फिलहाल दोनों मामलों में आपस में सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच अधिकारी दोनों कड़ियों को जोड़कर जानकारी जुटा रहे हैं। जीआरपी के सीओ बलिया सवियत्न ने बताया कि देवरिया में बरामद रुपये और आरोपित को आयकर विभाग को सौंप दिया गया है। रकम के स्रोत, लेनदेन और उसे गोरखपुर में किसे दिया जाना था, इसकी जांच आयकर विभाग की टीम कर रही है।
