गोरखपुर, जेएनएन। युवाओं का टीकाकरण अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया है। नियमों का हवाला देकर युवाओं को परेशान किया जा रहा है। बड़ी संख्या में युवा (18 से 45 वर्ष) रजिस्ट्रेशन कराकर स्लाट बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें स्लाट नहीं मिल रहा है। जिन्हें स्लाट मिल भी गया, उनमें से अनेक लोगों को टीका नहीं लग रहा है। उन्हें नियम बताकर बूथों से वापस किया जा रहा है।

सोमवार को जिला अस्पताल पर पहुंचे अनेक युवाओं को वापस किया किया गया जिनकी बुकिंग रविवार को थी। रविवार को टीकाकरण बंद होने से वे टीका नहीं लगवा पाए और सोमवार को कहा गया कि पुन: स्लाट बुक कराकर आइए। वे निराश लौट गए। बहुत से युवाओं को सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्लाट मिल जा रहा है। वे इससे परेशान हैं।

आरोग्य सेतु एप से मैंने स्लाट बुक कराया है। रविवार को जिला अस्पताल के बूथ पर टीका लगवाने का मैसेज आया है। लेकिन उस दिन यहां ताला बंद था। आज आए हैं तो कहा जा रहा है कि रविवार की बुकिंग का टीका सोमवार को नहीं लगाया जाएगा। फिर से स्लाट बुक कराना होगा। - चतुर्भुजा लाल, रुस्तमपुर

बहुत दिन के बाद तो स्लाट मिला। जब रविवार को टीकाकरण नहीं हो रहा है तो उस दिन का स्लाट क्यों बुक किया जा रहा है। मेरा स्लाट रविवार का था। मैं आया तो यहां कोई था ही नहीं। आज आए हैं तो कह रहे हैं कि टीका नहीं लगाया जाएगा। फिर से बुक करना होगा। - गौरव पांडेय, रामजानकी नगर

मैं शहर में रहता हूं। एक सप्ताह के प्रयास के बाद स्लाट बुक तो हुआ लेकिन बूथ बेलघाट का मिल गया। मैंने सोचा कि जिला अस्पताल में चलकर टीका लगवा लूं, लेकिन यहां लगाने से मना कर रहे हैं। टीकाकरण के नाम पर हम लोगों को केवल परेशान किया जा रहा है। - राजन कन्नौजिया, घासीकटरा

तीन दिन पहले मैंने रजिस्ट्रेशन करा लिया था। लेकिन स्लाट नहीं मिल रहा है। पहले लोगों का मौके पर भी रजिस्ट्रेशन करके टीका लगाया जा रहा था। अब इसे और जटिल बना दिया गया है। एक तरफ टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है, दूसरी तरफ स्लाट नहीं मिल रहा है। - उमेश जायसवाल, विकास नगर

कई दिन के प्रयास के बाद मेरा स्लाट जिला अस्पताल के बूथ के लिए बुक हुआ। रविवार को समय मिला। उस दिन यहां टीकाकरण बंद था, बताने वाला भी कोई नहीं था। आज आई हूं तो बताया जा रहा कि कल की बुकिंग का टीका आज नहीं लगाया जाएगा। - वर्तिका सरकार, बशारतपुर

महिला अस्पताल में शोरगुल के बीच लगा टीका

जिला महिला अस्पताल में 45 पार लोगों को टीका लगाया जा रहा था। भीड़ इतनी जयादा हो गई कि सीढ़ियों पर दो पंक्तियों में लोगों को खड़ा कराया गया। टीकाकरण की रफ्तार इतनी सुस्त थी कि बार-बार शोरगुल शुरू हो जाता था। गेट पर खड़े पुलिस कर्मियों को भीड़ को संभालना कठिन हो गया था। लोग लाइन तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। उनके आगे खड़े लोगों द्वारा विरोध पर सुरक्षा कर्मी सक्रिय होते थे और मामला शांत कराते थे।

सुबह 11 बजे के बाद भीड़ बढ़ी तो बूथ की व्यवस्था चरमरा गई। लगभग तीन सौ लोग लाइन में खड़े हो गए। तेज गर्मी में खड़े लोग पसीने से तर-ब-तर थे। टीकाकरण बहुत धीमी गति से हो रहा था। इस वजह से एक जगह खड़े-खड़े लोग ऊब गए और लाइन तोड़कर गेट पर पहुंच गए। उन्हें रोकना वहां मौजूद दो सुरक्षा कर्मियों के लिए कठिन हो गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य कर्मियों को बुलाया गया। लोगों को समझा-बुझाकर फिर किसी तरह लाइन में खड़ा कराया गया। पूरे दिन में पांच से सात बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

जिस दिन का स्लाट बुक है, उसी दिन लगेगा टीका

सीएमओ डा. सुधाकर पांडेय ने कहा कि जिस दिन के लिए स्लाट बुक है, उसी दिन संबंधित बूथ पर टीका लगाया जाएगा। रविवार को यहां टीकाकरण नहीं हो रहा है, फिर भी स्लाट बुकिंग की जानकारी मिली है। इसके लिए आइटी विभाग से बात की जाएगी। ताकि स्लाट की बुकिंग टीकाकरण के दिन ही हो सके।