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खून का काला कारोबार: गोरखपुर में पांच साल पहले तक करता था नौकरी, अब दो ब्लड बैंक का मालिक

Published: Sun, 08 Nov 2026 09:08 AM (IST)

मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से सस्ते दाम पर रक्त लेकर गोरखपुर में ऊंचे दाम पर बेचने वाले मुरादाबाद ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक के अलावा संभल में भी बना रखा ब्लड बैंक

  2. पकड़े गए आरोपित ताज गुड्डू और फहीम अहमद पांच साल से संपर्क में

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद/गोरखपुर। रामगढ़ताल क्षेत्र में पकड़े गए ताज मुरादाबाद के गुड्डू और फहीम अहमद ने पांच साल में एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक के संचालक सुलेमान के साथ मिलकर खून का कारोबार इस तेजी से बढ़ाया कि अस्पतालों में काम करने वाला एक दो ब्लड बैंक का मालिक बन बैठा जबकि दूसरे ने भोजपुर में लैब खोल ली। हरथला निवासी आरोपित फहीम अहमद ने भी काफी संपत्ति एकत्र कर ली।

पांच साल के खून के काले कारोबार के चलते न जाने कितने मरीजों की सांसें रुक गई हो, लेकिन इन तीनों की जिंदगी आसान हो गई। क्योंकि पहले जहां रोजी रोटी के लिए संकट था तो अब इनकी पहचान रुपयों वालों में होने लगी।

मुरादाबाद के एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से सस्ते दाम पर रक्त लेकर गोरखपुर में ऊंचे दाम पर बेचने वाले मुरादाबाद के फहीम अहमद और भोजपुर के ताज गुड्डू को गोरखपुर पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार रात गिरफ्तार किया है।

कार से 100 यूनिट रेड ब्लड सेल्स (पीआरबीसी) बरामद किया। बरामद रक्त की खेप गोरखपुर के आरोग्य ब्लड बैंक में सप्लाई की जानी थी। गोरखपुर पुलिस के अनुसार यह ब्लड आशियाना फेज-1 स्थित एसएस चैरिटेबल ब्लड बैंक से गया था। ब्लड बैंक भोजपुर निवासी संचालक सुलेमान संचालित करता है।

इसका एक ब्लड बैंक संभल के बहजोई में भी है। उसी ब्लड बैंक में गोरखपुर में गिरफ्तार आरोपित फहीम अहमद और ताज गुड्डू काम करते थे। तभी से तीनों एक दूसरे के परिचित है। बताया जाता है कि पांच साल पहले तक सुलेमान शहर के एक बड़े अस्पताल की लैब में काम करता था। इसके बाद इसने वहां से काम छोड़ दिया और ताज गुड्डू और फहीम अहमद से संपर्क किया।

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तीनों को ब्लड निकालना सिखाया, फिर सुलेमान ने संभल के बहजोई में ब्लड बैंक खोला। बताया जाता है कि ताज गुड्डू और फहीम दोनों मिलकर ब्लड बैंक के माध्यम से शिविर लगवाते थे। शिविरों में लोगों को रक्त लेने के बाद बेच रहे थे। इनके तार राजस्थान और पंजाब तक फैले हुए है। लेकिन, सही जांच करना तो अधिकारियों ने अभी से ब्लड बैंक संचालक को क्लीन चिट देनी शुरू कर दी है। अभी तक की जांच को देखकर ऐसा ही लग रहा है पहले की तरह इस मामले को भी अधिकारी रफादफा करने में जुट गए है।

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