गोरखपुर, जेएनएन। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने ऐलान किया है कि 2022 तक 30 साल की उम्र तक के हर व्यक्ति का न केवल निश्शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित कर दिया जाएगा बल्कि यदि रोग पाया गया तो उसका इलाज भी निश्शुल्क कराया जाएगा। इसके लिए 2022 का लक्ष्य बनाकर सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। अब तक 20 हजार से अधिक अधिक हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए जा चुके हैं।

नड्डा रविवार को गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरक्षनाथ नर्सिंग स्कूल और कालेज ऑफ नर्सिंग के दीप प्रज्ज्वलन और शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। चिकित्सा इंतजाम में कमी को लेकर पिछली सरकारों पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले बीमारी होने के बाद उसे नियंत्रित करने के अभियान चलाए जाते थे लेकिन अब मोदी सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है, जिसमें बीमारी से पहले ही उसपर नियंत्रण कर लिया जा रहा है। पहले हर स्वास्थ्य अभियान के लिए अलग-अलग नीति बनाई जाती थी लेकिन मोदी सरकार ने सभी को एक-एक करके रोग से निरोग की ओर से चलने के लक्ष्य पर काम किया है।

चिकित्सा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए नड्डा ने कहा कि पिछले चार वर्ष में देश में 118 मेडिकल कालेज खोले गए और 18635 मेडिकल सीटें बढ़ाई गई। प्रधानमंत्री डायलिसिस योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अबतक सवा लाख लोग मुफ्त डायलिसिस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। आयुष्मान योजना चर्चा करना भी नड्डा नहीं भूले, कहा कि महज चार महीने में 11 लाख 80 हजार लोग इस योजना का फायदा ले चुके हैं।

85 फीसद पहुंचा टीकाकरण

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि भाजपा सरकार ने अभियान के तौर पर टीकाकरण का प्रतिशत बढ़ाया है। कहा कि यूपीए के शासनकाल में 61 फीसद बच्चों को ही टीके लग पाते थे और हर वर्ष महज एक फीसद की बढ़ोत्तरी ही होती थी लेकिन मोदी सरकार ने महज चार साल में न केवल टीकों की संख्या को सात से 12 कर दिया तो बल्कि टीकाकरण को 85 फीसद तक पहुंचा दिया है। इस वर्ष के अंत तक इसे 90 फीसद किए जाने का लक्ष्य है।

गोरखपुर बन रहा मेडिकल का हब

जेपी नड्डा ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब गोरखपुर मेडिकल सुविधा का हब होगा। एम्स का निर्माण तेजी से चल रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज को भी उच्चीकृत किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस क्षेत्र के लोगों को लखनऊ या दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी बल्कि आसपास के कई जिले के लोगों को गंभीर रोगों के इलाज की सुविधा गोरखपुर मिल जाएगी।

खुद की संतुष्टि के लिए करें काम

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रशिक्षु नर्सो से अपील की कि वह नर्सिंग कोर्स को महज रोजगार के साधन के रूप में न लें बल्कि खुद की संतुष्टि के लिए भी कार्य करें। इसके लिए आत्मचिंतन करें, तभी मानवता की सेवा में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सकेंगी और कोर्स की सार्थकता भी।

Posted By: Pradeep Srivastava

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