गोरखपुर (जेएनएन)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के खुलते ही छात्रसंघ चुनाव को लेकर परिसर की गहमा-गहमी फिर बढ़ गई। चुनाव को लेकर धरना देने जा रहे दो छात्रों को पुलिस ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर हिरासत में ले लिया। हालांकि जब बड़ी संख्या में प्रत्याशी और समर्थक जुटने लगे तो महज आधे घंटे में ही दोनों छात्रों को छोड़ना पड़ा।
शीघ्र चुनाव कराने की कर रहे थे मांग
कुछ प्रत्याशी चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम सदर को ज्ञापन देकर जल्द चुनाव की तारीख घोषित करवाने की मांग की। मंगलवार को विश्वविद्यालय के खुलते ही मुख्य द्वार पर अध्यक्ष प्रत्याशी रहे भाष्कर चौधरी और छात्र शिव शकर गौड़ खड़े होकर बात कर रहे थे। इसी बीच विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज पहुंच गए। उन्हें जब इस बात का अहसास हुआ कि छात्र धरना देने की योजना बना रहे हैं तो उन्हें हिरासत में ले लिया।
छात्रों का दबाव बढ़ता देख रिहा किया
हिरासत में लेने की एक वजह पुलिस ने दोनों को किसी अन्य केस में आरोपित होना बताया। जब यह बात परिसर में फैली तो छात्र तेजी से जुटने लगे। मामला बिगड़ता देख मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने हस्तक्षेप किया और दोनों छात्रों को हिरासत से छोड़वा दिया। बाद में संभावित प्रत्याशी और उनके समर्थक पंत पार्क में इकट्ठा हुए और वहां से प्रदर्शन करते हुए डीएम कार्यालय पहुंच गए। डीएम के कार्यालय में मौजूद न रहने पर छात्रों ने एसडीएम सदर के समक्ष अपनी मांग रखी और ज्ञापन सौंपा।
इन लोगों ने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन देने वालों में राजीव यादव, अनिल दूबे, मयंक राय, भाष्कर चौधरी, प्रणव द्विवेदी, प्रियेश मालवीय, सूरज यादव, नीतिन तिवारी, संजीव त्रिपाठी, पवन, सुधीर यादव, अभिषेक निषाद, विनय यादव, अमित, योगेश प्रताप सिंह, आमिर खान, आर्या यदुवंशी आदि शामिल रहे। उधर, चुनाव की मांग को लेकर छात्रनेता अनिल दुबे और राजकुमार गुप्ता ने कुलपति प्रो. वीके सिंह से मुलाकात की। हालांकि कुलपति ने मामला कोर्ट में होने की बात कह किसी तरह का निर्णय सुनाने से इन्कार कर दिया।

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