गोरखपुर, जागरण न्‍यूज नेटवर्क। भाजपा नेता की हत्या करने वाला अमृतसर का शूटर सतनाम सिंह लाकअप खोलकर फरार हो गया। गोरखपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दो दिन पहले उसे फतेहगढ़ साहिब में पकड़ा था। पूछताछ के बाद वारदात में शामिल दूसरे शूटर राजवीर उर्फ राजू की तलाश में टीम छापेमारी कर रही थी।  

यह है मामला

गोरखपुर के गुलरिहा, नरायनपुर गांव के पूर्व प्रधान व भाजपा नेता 52 वर्षीय बृजेश सिंह पंचायत चुनाव में प्रधान पद के दावेदार थे। तीन अप्रैल को उनका नामांकन था। दो अप्रैल की रात में 11 बजे बृजेश सिंह नरायनपुर गांव में जनसंपर्क करके बाइक से मेडिकल कालेज के मोगलहा में स्थित अपने आवास लौट रहे थे। रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। चार नामजद आरोपितों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि पंजाब, अमृतसर के देवेंद्र नगर तरनतारन रोड निवासी सतनाम सिंह उर्फ छिद्दू और राजवीर उर्फ राजू ने सुपारी लेकर हत्या की है।

हवालात में नहीं लगा था ताला, पहरे पर तैनात संतरी के खिलाफ केस

वारदात के समय उनके साथ महराजगंज जिले के पनियरा, जड़ार गांव का रहने वाला प्रापर्टी डीलर जितेंद्र सिंह भी था। 11 अप्रैल को पुलिस ने जितेंद्र समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शूटरों की तलाश में सीओ वीके सिंह के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम पंजाब के फतेहगढ़ साहिब गई और स्थानीय पुलिस की मदद से शूटर सतनाम सिंह को गिरफ्तार कर पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआइए) के हवाले कर दिया।

12 अप्रैल की भोर में आरोपित हवालात खोलकर भाग गया। छानबीन करने पर पता चला कि हवालात में ताला नहीं लगाया गया था। हवालात का दरवाजा खोलने के बाद सतनाम कंप्यूटर रूम से सटे शौचालय की दीवार फांदकर भाग गया। यह घटना थाने के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फतेहगढ़ साहिब की एसएसपी अमनीत कौंडल ने बताया कि सीआइए स्टाफ में तैनात संतरी कांस्टेबल कुलदीप सिंह के खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में केस दर्ज कराया गया है। ड्यूटी पर तैनात एएसआइ और कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। 

जमीन हथियाने के लिए कराई गई थी हत्या

नरायनपुर गांव में स्थिति करोड़ों की जमीन हथियाने के लिए भाजपा नेता बृजेश सिंह की हत्या कराई गई थी।जिसकी योजना प्रापर्टी डीलर जितेंद्र सिंह व उसके साथी बहादुर चौहान ने बनाई थी। जितेंद्र की सतनाम सिंह व राजवीर से पुरानी जान पहचान थी। तीन साल पहले लखीमपुर खिरी में हत्या करने के बाद दोनों तीन माह तक गोरखपुर में आकर छिपे थे।

जितेंद्र ने उन्हें स्पोटर्स कालेज के पास रहने वाले अपने मामा के घर शरण दिलाई थी।किसी को पता न चले इसलिए चुनाव के समय में उसने शूटरों को बुलाकर बृजेश सिंह की हत्या करा दी।जमीन पर कब्जा मिलने और बिकने के बाद उन्होंने शूटरों को 20 प्रतिशत हिस्सा देने का भरोसा दिया था। 

सीओ के नेतृत्व में पंजाब गई क्राइम ब्रांच की टीम ने वारदात को अंजाम देने वाले शूटर सतनाम सिंह को पकड़ा था। उसे पंजाब पुलिस की सीआइए के लाकअप में रखा गया था, जहां से फरार हो गया।घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। पंजाब पुलिस के साथ ही गोरखपुर क्राइम ब्रांच की टीम हिरासत से फरार हुए शूटर और उसके साथी की तलाश कर रही है। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। - दिनेश कुमार पी, एसएसपी- गोरखपुर 

उत्तर प्रदेश पुलिस भी कर रही जांच 

गोरखपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने कहा कि उनकी टीम अलग से इस घटना की जांच कर रही है। हत्या के आरोपित के पुलिस हिरासत से भागने के पीछे क्या लापरवाही रही और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसकी रिपोर्ट बनाकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भेजी जाएगी।

 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप