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289 में सिर्फ 160 टीटीई रेस्ट हाउस में खाना बनाने की सुविधा, जोनल रेलवे से मांगी रिपोर्ट

Published: Fri, 14 Aug 2026 12:49 PM (IST)

रेलवे बोर्ड ने टीटीई रेस्ट हाउस में गार्ड/लोको पायलट रनिंग रूम जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जोनल रेलवे से ...और पढ़ें

टीटीई रेस्ट हाउस में रनिंग रूम जैसी सुविधाओं पर रेलवे बोर्ड सख्त। -सांकेतिक तस्वीर

टीटीई रेस्ट हाउस में रनिंग रूम जैसी सुविधाओं पर रेलवे बोर्ड सख्त। -सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. रेलवे बोर्ड ने टीटीई रेस्ट हाउस सुविधाओं पर रिपोर्ट मांगी।

  2. 289 में से केवल 160 रेस्ट हाउस में खाना सुविधा।

  3. गोरखपुर टीटीई रेस्ट हाउस की स्थिति सबसे खराब।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेलवे बोर्ड ने देशभर के टीटीई रेस्ट हाउस में गार्ड और लोको पायलट के रनिंग रूम के समान सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में जोनल रेलवे पर फिर शिकंजा कसा है। बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे से टीटीई रेस्ट हाउस में उपलब्ध सुविधाओं, खासकर खाना बनाने और कैटरिंग व्यवस्था, की अद्यतन एवं सत्यापित रिपोर्ट तत्काल भेजने को कहा है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुविधाएं रनिंग स्टाफ के रनिंग रूम के स्तर की होनी चाहिए।

रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग) शिवेंद्र शुक्ला की ओर से 12 अगस्त, 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2018 से लगातार टीटीई रेस्ट हाउस में गार्ड/लोको पायलट के रनिंग रूम के बराबर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इनमें खान-पान और खाना बनाने की सुविधा भी शामिल है।

इसके बावजूद सभी टीटीई रेस्ट हाउस में यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। देशभर में कुल 289 टीटीई रेस्ट हाउस हैं। इनमें से केवल 160 रेस्ट हाउस में खाना बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यानी करीब 55 प्रतिशत रेस्ट हाउस में ही कुकिंग सुविधा मौजूद है।

शेष रेस्ट हाउस में यह सुविधा क्यों उपलब्ध नहीं है, बोर्ड ने इसकी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। रेलवे बोर्ड ने 7 मई 2025 को जारी पत्र के माध्यम से प्रत्येक तिमाही में अपडेटेड रिपोर्ट मांगी थी।

इस रिपोर्ट में प्रत्येक टीटीई रेस्ट हाउस में उपलब्ध सुविधाओं की लोकेशन वाइज जानकारी भी शामिल की जानी थी। लेकिन, तिमाही आधार पर मांगी गई यह अपडेटेड रिपोर्ट अभी भी लंबित है। ऐसे में बोर्ड ने एक बार फिर सभी जोनल रेलवे को आवश्यक जानकारी अपडेट और सत्यापित करके भेजने के निर्देश दिए हैं।

सात साल से टीटीई रेस्ट हाउस का रिपोर्ट मांग रहा रेलवे बोर्ड
टीटीई रेस्ट हाउस में रनिंग रूम के समान सुविधाएं उपलब्ध कराने का मामला नया नहीं है। रेलवे बोर्ड ने वर्ष 2018 से इस संबंध में कई बार निर्देश जारी किए हैं। 10 दिसंबर 2018 के पत्र के बाद 2019, 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में भी इस संबंध में जोनल रेलवे से अनुपालन और स्थिति रिपोर्ट मांगी जाती रही है।

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इसके बाद भी रेलवे प्रशासन उदासीन बना है। इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गनाइजेशन (आइआरटीसीएसओ) के संरक्षक टीएन पांडेय बताते हैं कि इस संबंध में रेलवे बोर्ड को पत्र सौंपा गया है। पूर्वोत्तर रेलवे में बोर्ड के आदेश का भी अनुपालन नहीं हो रहा है। सबसे खराब स्थिति गोरखपुर टीटीई रेस्ट हाउस की है।