गोरखपुर, जेएनएन। अपने गोरखपुर शहर और देहात की स्थिति कुछ मामलों में लगता ही नहीं कि यह मुख्यमंत्री का गृह जनपद है। बिना पैसा लिए काम न करने की आदत ने स्थिति और खराब कर दी है। न तो मुख्यमंत्री का डर रह गया और न ही कार्रवाई का भय। यही कारण है कि यहां पर समस्याएं मुंह बाए ज्यों की त्यों खड़ी है। बिजली विभाग तो इस मामले में सबसे आगे है।
अधिकारी की बात तो दूर कर्मचारी भी अड़ियल है। बिजली चोरी को शह देने कर्मचारियों के कारण गोरखपुर शहर और देहात की स्थिति एक दम खराब हो गई है। तीन दिन से फुंका ट्रांसफार्मर न बदलने से परेशान पादरी बाजार के राजू सीधे मोहद्दीपुर स्थित चीफ इंजीनियर देवेंद्र सिंह के कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने अखबार में पढ़ा था कि बुधवार से बिजली निगम के अफसर जनसुनवाई करेंगे। चीफ इंजीनियर से उन्होंने ट्रांसफार्मर न बदलने की परेशानी बताई।
चीफ इंजीनियर ने अधिशासी अभियंता वर्कशॉप को फोन कर ट्रांसफार्मर के बारे में पूछा तो बताया गया कि नया ट्रांसफार्मर भेजा जा रहा है। बिजली निगम के चेयरमैन आलोक कुमार के निर्देश पर बुधवार से जनसुनवाई शुरू हुई। चेयरमैन ने चीफ इंजीनियर और अधीक्षण अभियंताओं से सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक एक घंटे कार्यालय में रहकर जनसुनवाई को कहा है।
चीफ इंजीनियर देवेंद्र सिंह ने बताया कि पहले दिन ट्रांसफार्मर बदलने, बांस-बल्ली की जगह पोल लगवाने समेत कई मामले आए। कुछ का तत्काल निराकरण करा दिया गया, जबकि कुछ में कार्रवाई के लिए अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। शहर में बिल न मिलने की शिकायत अधीक्षण अभियंता शहर यूसी वर्मा ने बताया कि जनसुनवाई के पहले दिन सबसे ज्यादा शिकायत बिल न मिलने की आई। संबंधित उपभोक्ताओं को जल्द बिलिंग सुचारू होने का आश्वासन दिया गया है।