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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम आदित्यनाथ योगी अपने ही घर में आज की रात शायद ही सो सकें

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sat, 25 Mar 2017 08:48 AM (IST)Updated: Sat, 25 Mar 2017 11:07 AM (IST)

अपना घर कैसा भी हो हर किसी को उसमें सुकून की नींद आती है। पर, इस बार अपने घर में ...और पढ़ें

सीएम आदित्यनाथ योगी अपने ही घर में आज की रात शायद ही सो सकें
सीएम आदित्यनाथ योगी अपने ही घर में आज की रात शायद ही सो सकें

गोरखपुर (जेएनएन)। गोरक्षपीठ महंत तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी का गोरखपुर अपना घर है। इस घर में आज बतौर मुख्यमंत्री उनका पहली बार आना होगा। रात्रि विश्राम भी यहीं करेंगे, लेकिन व्यस्त कार्यक्रम संकेत दे रहा है कि शायद ही वह यहां सो पाएं।

अपना घर कैसा भी हो हर किसी को उसमें सुकून की नींद आती है। पर, इस बार अपने घर में आदित्यनाथ योगी के साथ शायद ऐसा न हो। इसकी वजह उनकी तमात व्यस्तताएं होंगी। पीठ के व्यापक सामाजिक सरोकार हैं। खासकर शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में। पीठ से जुड़ी महाराणा शिक्षा परिषद के तहत गोरखपुर, महराजगंज की करीब 37 से अधिक शिक्षण संस्थान संचालित होते हैं।

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इसमें अभी तक सामान्य से लेकर प्रौद्योगिकी, व्यावसायिक और नर्सिंग तक की शिक्षा दी जाती है। पूर्वांचल का सबसे सस्ता और आधुनिक चिकित्सालय गुरु श्रीगोरक्षनाथ भी पीठ से संचालित है। इसकी रोज की ओपीडी में औसतन 700-800 मरीज आते हैं। इसी से जुड़ा नर्सिंग कालेज और महंत दिग्विजय नाथ आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। गुरु श्री गोरक्षनाथ संस्कृत स्नातकोत्तर पीजी कालेज भी मंदिर परिसर में ही है।

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गुरु गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज और पीपीगंज स्थित चौक माफी में 50 एकड़ से अधिक के रकबे में कृषि विज्ञान केंद्र का निर्माण जारी है। संसदीय सत्र और अन्य व्यस्तताओं को छोड़ दें तो योगी का अधिकांश समय मंदिर के मठ में ही गुजरता था। रूटीन में रहने पर भी सुबह-और शाम के कुछ घंटे इन सारे कामों की निगरानी और प्रगति जानने में ही गुजरते थे। चेक और जरूरी कागजातों पर दस्तखत, मौखिक या लिखित निर्देश आदि उनके रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल थे।
लंबित कामों के निस्तारण में ही लग जाएंगे कई घंटे
आदित्यनाथ योगी करीब हफ्ते भर से वे बाहर हैं। लिहाजा रूटीन के उक्त कार्यों के निस्तारण में ही घंटों लग जाएंगे। स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद अब रूटीन में यहां कम समय दे पाएंगे। ऐसे में कौन-सी व्यवस्था किसके जिम्मे होगी, इसका भी निर्धारण उनको रात में ही करना होगा। किसे क्या करना है, यह सब तय है। योगी इन सबसे मिलेंगे। जरूरी निर्देश भी देंगे। ऐसे में संभव है कि इसी में पूरी रात गुजर जाए।
योगी के पास काम के लिएहोंगे सिर्फ 12 से 13 घंटे 
योगी महाराणा प्रताप इंटर कालेज में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम के बाद देर शाम या रात में मंदिर पहुंचेंगे। तय कार्यक्रम के बाद व्यवस्था संबंधी काम के लिए उनको कुल मिलाकर 12 से 13 घंटे ही मिलेंगे। स्वाभाविक है कि इसमें उनकी तकरीबन पूरी रात गुजर जाएगी। सुबह से ही मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। दिन 9.30 बजे से योगिराज बाबा गंभीरनाथ का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा।