गोरखपुर, जेएनएन। ओवरलोड ट्रकों से वसूली करने व गाडिय़ां पास कराने के मामले में एसआइटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) ने बस्ती व संतकबीरनगर जिले के प्रभारी एआरटीओ, देवरिया में तैनात सिपाही व एक चालक को सोमवार की रात ट्रांसपोर्टनगर से गिरफ्तार किया। मंगलवार दोपहर बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। एसआइटी व क्राइम ब्रांच तीन दिन से आरोपितों की निगरानी कर रही थी।

एसआइटी प्रभारी व सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि 24 जनवरी को एसटीएफ ने मधुबन होटल के मालिक धर्मपाल सिंह समेत छह को गिरफ्तार कर ओवरलोड ट्रकों से वसूली करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया था। एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने बेलीपार थाने में आरोपितों के अलावा गैंग से जुड़े 16 एआरटीओ-पीटीओ, सिपाहियों और दलालों पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, रंगदारी वसूलने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। एसआइटी इसकी विवेचना कर रही है। मुखबिर की सूचना पर सोमवार की रात बस्ती जिले के प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन शैलेंद्र तिवारी, संतकबीरनगर के प्रभारी एआरटीओ प्रवर्तन संदीप चौधरी, उनके गाड़ी चालक उत्तम चंद और देवरिया आरटीओ कार्यालय में तैनात सिपाही अनिल कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपितों की तलाश में टीम आसपास के जिलों में छापेमारी कर रही है।

यह है मामला

पूर्वांचल के 21 जिलों में ओवरलोड गाडिय़ां पास कराने वाले गैंग के जिन छह सदस्यों को बेलीपार के मधुबन होटल से 24 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था उनमें होटल मालिक व बेलीपार के मेहरौली निवासी धर्मपाल सिंह, सिब्बू ढाबा के मालिक मनीष सिंह उर्फ सिब्बू, विवेक सिंह उर्फ सिक्कू, श्रवण गौड़, रामसजन और देवरिया जिले के कपरवारघाट निवासी शैलेष मल्ल शामिल थे। आरोपितों के पास से 12 मोबाइल फोन, अवैध वसूली के 28400 रुपये नकद, 35 डायरियां- रजिस्टर, जिसमें एआरटीओ, पीटीओ, सिपाहियों के नाम, मोबाइल नंबर, लेनदेन का हिसाब और विभिन्न बैंकों के खाता संख्या दर्ज थे। इसके अलावा विभिन्न जनपदों के 6000 अलग-अलग वाहनों की सूची, वाहन नंबर, एटीएम कार्ड, चालकों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज थे।

इनके विरुद्ध दर्ज है मुकदमा

मधुबन होटल व सिब्बू ढाबा मालिक समेत आठ लोगों को एसटीएफ ने मुख्य आरोपित बनाया है। गैंग से जुड़े आरटीओ विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम जीडी में दर्ज हैं। एफआइआर में गोरखपुर के  एआरटीओ एसपी श्रीवास्तव, पीटीओ इरशाद अली, सिपाही संजय सिंह उर्फ मंटू, नृपेंद्र सिंह, अनूप सिंह, अवधेश सिंह, देवरिया में चतुर्वेदी, शुक्ला दीवान, कुशीनगर के एआरटीओ संदीप कुमार पंकज, महराजगंज के एआरटीओ आरएस भारती, सिपाही मान सिंह, मऊ के एआरटीओ अवधेश सिंह, पीटीओ मानवेंद्र सिंह, सिपाही चंद्रजीत, रमेश पटेल, चंद्रपाल यादव और प्राइवेट ड्राइवर कमालू, आजमगढ़ के एआरटीओ संतोष सिंह, सिपाही लल्लन गौड़, जौनपुर आरटीओ के सिपाही अनिल पटेल, पाठक, पंकज सिंह, आंबेडकरनगर के एआरटीओ केएन सिंह उनके भांजे बबलू सिंह, बस्ती आरटीओ के सिपाही संजय सिंह, नृपेंद्र सिंह, बलिया के एआरटीओ का प्राइवेट चालक राजेश यादव, संतकबीरनगर के प्रभारी एआरटीओ-पीटीओ संदीप चौधरी, गाजीपुर के एआरटीओ रामसिंह यादव, प्रयागराज निवासी सैफ, फैजल, सोनभद्र आरटीओ के सिपाही आशुतोष सिंह, मिर्जापुर आरटीओ के सिपाही विपिन चौधरी, पिंटू यादव, भदोही आरटीओ के सिपाही योगेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं।

आजमगढ़, बस्ती, प्रयागराज और आंबेडकरनगर के रहने वाले हैं

शैलेंद्र तिवारी आजमगढ़, फूलपुर के निवासी हैं। बस्ती में पीटीओ के पद पर दो जुलाई 2019 से तैनात थे, उनके पास एआरटीओ प्रवर्तन का प्रभार था। वहीं संदीप चौधरी बस्ती जिले के हरैया निवासी हैं, संतकबीरनगर जिले में पीटीओ केपद पर 19 जुलाई 2017 से तैनाती थी। उनके पास भी एआरटीओ प्रवर्तन का प्रभार था। अनिल शुक्ला प्रयागराज, मऊ आइमा के निवासी हैं। वह देवरिया आरटीओ विभाग में सिपाही के पद पर 22 अगस्त 2017 से तैनात हैं। जबकि उत्तमचंद आंबेडकरनगर, अकबरपुर कोतवाली के भरतपुर का रहने वाला है। वह पिछले तीन साल से बस्ती के एआरटीओ प्रर्वतन की गाड़ी चलाता था।

 

Posted By: Satish Shukla

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