संतकबीर नगर: कृषि उत्पादन आयुक्त-शासन आलोक सिन्हा की अध्यक्षता में गुरुवार को आनलाइन मंडलीय रबी उत्पादन गोष्ठी आयोजित की गई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने वीडियो कांफ्रेंसिग में कहा कि पश्चिम और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों के किसानों के प्रति व्यक्ति आय में काफी अंतर है। पूर्वांचल के किसान खेती को योजनाबद्ध ढंग से करें। नवीन तकनीकी का प्रयोग करें। वर्तमान में तिलहन का मूल्य अच्छा मिल रहा है। इसलिए इसके उत्पादन पर ध्यान देने की जरूरत है।

कहा कि रबी में किसान सरसों की खेती जरूर करें। इसके अलावा कृषक उत्पादक संगठन, जैविक उत्पाद की बिक्री, पराली को गो-आश्रय स्थलों में भेजने, पारदर्शिता के साथ किसानों से धान खरीदने, किसानों के उत्पादन को अच्छे मूल्य पर बिक्री कराने के संबंध में निर्देश दिए। पशुपालन के निदेशक डा. एसके मलिक ने कहा कि किसानों को हरा चारा हेतु बरसीम, जई बीज जनपद के पशु चिकित्सालयों में उपलब्ध हैं। किसान पशुओं को गलाघोटू, खुरपका- मुंहपका का टीका अवश्य लगवाएं। प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद ने कहा कि समर्थन मूल्य योजना के तहत छोटे व मझोले किसानों से 50 क्विंटल तक धान खरीद के लिए सोमवार से गुरुवार का दिन आरक्षित रहेगा। शेष दिन बड़े किसानों से धान की खरीद की जाएगी। धान खरीद पारदर्शी ढंग से जनपदों में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव पशुपालन ने कहा कि बकरियों का बीमा मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करके कराया जा सकता है। इसके लिए किसी प्रकार के ऋण की आवश्यकता नहीं है। डीएम दिव्या मित्तल ने रबी की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। जनपद में खाद की आपूर्ति निर्बाध रूप से बनाए रखने के लिए इफको से डीएपी की मांग की गई। इस जिले के सेमरियावां ब्लाक के उमिला गांव के प्रगतिशील किसान सुरेंद्र राय खेती से जुड़ी जानकारी दी। प्रभारी सीडीओ डीडी शुक्ल, उप कृषि निदेशक लोकेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. संजय कुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा, जिला उद्यान अधिकारी एसके दूबे आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

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